न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के नालंदा जिले के मोनिंदपुर गांव (हिलसा थाना क्षेत्र) में इस वक्त चीख-पुकार मची है। वजह है परिवार के मुखिया राजेश मांझी की संदिग्ध मौत। परिजनों का आरोप है कि राजेश को सिर्फ इसलिए पीट-पीटकर मार डाला गया क्योंकि उसने अपनी मेहनत की कमाई माँगी थी। इस घटना ने एक बार फिर ईंट भट्ठा मजदूरों की सुरक्षा और दबंगों के खौफ को उजागर कर दिया है।
तीन महीने के पैसे माँगना पड़ा भारी
मृतक राजेश मांझी सासाराम के अरवल गांव स्थित एक ईंट भट्ठा पर पिछले तीन महीने से पसीना बहा रहा था। परिजनों के मुताबिक, काम के बदले पैसे माँगने पर भट्ठा संचालक और उसके बेटों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। राजेश को लाठी-डंडों और जूतों से इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वह मरणासन्न स्थिति में पहुँच गया। पहले उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत में उसे पटना के NMCH रेफर किया गया, लेकिन बुधवार रात उसने अंतिम सांस ली।
घर में गूँजनी थी शहनाई, पर उठ गई अर्थी
राजेश की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। मृतक के दो बेटों, सूरज और विकास की शादी इसी महीने 20 अप्रैल को होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियाँ चल रही थीं, मंगल गीत गाए जा रहे थे, लेकिन अब वहाँ केवल मातम है। बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनकी शादी की खुशियाँ पिता की मौत के साये में दब गई हैं।
पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल और जीरो एफआईआर
परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद जब वे स्थानीय थाने और डीएसपी के पास न्याय की गुहार लगाने पहुँचे, तो उनकी बात नहीं सुनी गई। हार मानकर परिजन शव को लेकर अपने पैतृक क्षेत्र हिलसा पहुँच गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हिलसा थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि फिलहाल जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज कर ली गई है और मामले को संबंधित अरवल थाना (सासाराम) भेज दिया गया है। शव का पोस्टमार्टम पटना में कराया जा रहा है, जिसके बाद मौत के असल कारणों की पुष्टि होगी।