न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
नमो नारायण मिश्रा / गोपालगंज : बिहार के गोपालगंज से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां सात साल के एक मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई… और हैरानी की बात ये कि उसका शव उसी के घर के बाहर सालों से खड़ी एक कबाड़ कार में मिला। कातिलों ने पहचान छिपाने के लिए बच्चे के चेहरे को जलाने की भी कोशिश की।
हर एंगल से जांच कर रही पुलिस
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि पुलिस अब हर एंगल से जांच में जुट गई है। गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सात साल के मासूम अनुज कुमार का शव उसके ही घर के पास खड़ी एक पुरानी कबाड़ कार से बरामद हुआ।
खेलते वक्त गायब हुआ था बच्चा
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाली वारदात बन चुकी है। बताया जा रहा है कि बुधवार की शाम अनुज अपने घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रहा था। हर दिन की तरह परिवार को लगा कि बच्चा थोड़ी देर में वापस आ जाएगा, लेकिन रात होने लगी और अनुज घर नहीं लौटा। धीरे-धीरे परिवार की चिंता बढ़ने लगी। मां रोते हुए पूरे गांव में बेटे को ढूंढती रही, पिता और परिजन अलग-अलग जगहों पर तलाश करते रहे। गांव के लोग भी रातभर बच्चे की खोज में जुटे रहे, लेकिन अनुज का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने मीरगंज थाने में बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
चेहरे को जलाने की कोशिशि
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश शुरू की, लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जिस बच्चे को पूरा गांव ढूंढ रहा है, उसका शव घर से कुछ ही दूरी पर छिपाकर रखा गया है। अगली सुबह जब पुलिस और ग्रामीणों ने आसपास के इलाके में गहन तलाशी शुरू की, तब घर के बाहर वर्षों से खड़ी एक पुरानी कबाड़ कार की जांच की गई। जैसे ही कार का दरवाजा खोला गया, वहां का दृश्य देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। कार के अंदर मासूम अनुज का शव पड़ा था। शव की हालत बेहद दर्दनाक थी। प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा था कि हत्या के बाद आरोपी बच्चे की पहचान मिटाने की कोशिश कर रहे थे। बच्चे के चेहरे पर किसी ज्वलनशील पदार्थ को डालकर जलाने का प्रयास किया गया था।
आरोप का इलाके से परिचित होने का शक
घटना की गंभीरता को देखते हुए हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी बुलाया गया। वैज्ञानिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि शव का घर के इतने करीब मिलना इस ओर इशारा करता है कि आरोपी इलाके से परिचित हो सकते हैं। यानी शक की सुई आसपास के लोगों पर भी जा सकती है। फिलहाल पुलिस तकनीकी जांच, कॉल डिटेल और संदिग्ध लोगों से पूछताछ के जरिए मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हालांकि अभी तक हत्या के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है।
मासूम के लिए न्याय की मांग
एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने कहा है कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या मासूम अनुज किसी साजिश का शिकार हुआ? क्या हत्या के पीछे पुरानी रंजिश है या फिर कोई और खौफनाक सच छिपा है? और सबसे बड़ा सवाल आखिर सात साल के मासूम से किसी की क्या दुश्मनी हो सकती है? फिलहाल पूरे गांव की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं और हर कोई यही मांग कर रहा है कि मासूम अनुज को जल्द न्याय मिले और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे।