पवन कुमार सिंह/न्यूज11 भारत
छपरा/डेस्क: सारण जिले में स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. रिविलगंज, जलालपुर एवं नगरा स्थित स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा जारी पत्रों में कई आशा कार्यकर्ताओं की अवैध निजी नर्सिंग होम से सांठगांठ का मामला सामने आया है.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संबंधित आशा कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं को नजरअंदाज कर मरीजों को निजी नर्सिंग होम में भेज रही हैं. इसके एवज में आर्थिक लाभ, उपहार एवं अन्य सुविधाएं मिलने की बात सामने आई है. विभाग ने इसे सरकारी कार्यप्रणाली के विपरीत और नियमों का उल्लंघन बताया है.
रिविलगंज स्वास्थ्य केंद्र द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, जिससे उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार आपत्ति जताई जा रही है. वहीं जलालपुर और नगरा स्वास्थ्य केंद्रों ने भी अलग-अलग सूचियां जारी कर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है.
जारी नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित आशा कार्यकर्ताओं को सेवा से हटाने (चयनमुक्त करने) की कार्रवाई की जाएगी तथा मामले की सूचना वरीय पदाधिकारियों को भेजी जाएगी.
इस कार्रवाई से जिले के स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज हो गई है. बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं के नाम सामने आने से मामला गंभीर हो गया है. यदि यह मामला सत्यापित होता है, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करेगा.
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