न्यूज 11 भारत/ बिहार डेस्क (इन्द्रदेव, सहरसा) सहरसा जिले के सत्तर गांव में एक शादी समारोह उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामे में तब्दील हो गया, जब मंडप सजने से पहले ही दूल्हे की संदिग्ध गतिविधियों ने खुशियों के माहौल को तनाव में बदल दिया। दूल्हे की असामान्य हरकतों को देखकर वधू पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद पूरी रात पंचायत और पुलिसिया कार्रवाई का दौर चला।
दरवाजे पर दूल्हे का हाई-वोल्टेज ड्रामा
जानकारी के अनुसार, पूर्णिया जिले से रौनक कुमार नामक युवक की बारात सत्तर गांव वार्ड संख्या-2 में आई थी। जैसे ही बारात दरवाजे पर पहुंची, दूल्हा अजीबोगरीब हरकतें करने लगा। उसकी अनियंत्रित गतिविधियों को देखकर उपस्थित लोग दंग रह गए। शुरुआत में ग्रामीणों को लगा कि दूल्हा नशे में है, लेकिन बार-बार समझाने के बाद भी जब उसकी हरकतें नहीं रुकीं, तो लोगों का शक गहरा गया।
शादी से इनकार और तिलक वापसी पर अड़ा वधू पक्ष
दूल्हे की स्थिति को देखते हुए लड़की के परिजनों और ग्रामीणों ने भविष्य का हवाला देते हुए विवाह करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद विवाद तिलक में दिए गए रुपयों की वापसी को लेकर बढ़ गया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बिहरा थाना पुलिस को सूचना दी गई।
5 लाख रुपये लौटाने के समझौते के बाद छूटे बाराती
बिहरा थानाध्यक्ष संजय कुमार सत्यार्थी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने दूल्हे और उसके माता-पिता को हिरासत में ले लिया। ग्रामीणों के हस्तक्षेप और दबाव के बाद लड़का पक्ष तिलक के 3 लाख 20 हजार रुपये और शादी के अन्य खर्चों सहित कुल 5 लाख रुपये लौटाने पर सहमत हुआ। जब तक राशि वापसी का समझौता लिखित में नहीं हुआ, तब तक दूल्हे के परिवार को पुलिस की निगरानी में रखा गया।
नशा या मानसिक बीमारी? चर्चाओं का बाजार गर्म
घटना के अगले दिन यानी सोमवार सुबह भी दूल्हे का व्यवहार सामान्य नहीं था। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि या तो दूल्हा किसी गंभीर नशे का आदी है या उसकी मानसिक स्थिति छिपाई गई थी। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद बारात वापस लौट गई है, लेकिन इस घटना ने वधू पक्ष को गहरे सदमे और मायूसी में डाल दिया है।