न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (राहुल कुमार, शेरघाटी) गया जिले के धुर नक्सल प्रभावित बांकेबाजार प्रखंड अंतर्गत लुटुआ थाना क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है. शुक्रवार को सीआरपीएफ (CRPF) की 215वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच किलोग्राम का एक जिंदा आईईडी (IED) बम बरामद किया गया. बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने बिना वक्त गंवाए मौके पर ही इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया. सुरक्षा बलों की इस त्वरित कार्रवाई से नक्सलियों द्वारा जवानों को निशाना बनाने की एक बड़ी और घातक साजिश विफल हो गई है.
जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान नजर आया संदिग्ध डिब्बा, अलर्ट मोड पर आए जवान
मिली जानकारी के अनुसार, नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बल लुटुआ थाना क्षेत्र के घने जंगलों में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. इसी दौरान जवानों को एक जगह कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जब पास जाकर जांच की गई, तो वह पांच किलो का शक्तिशाली आईईडी (IED) निकला. अधिकारियों के मुताबिक, नक्सलियों ने इसे सुरक्षा बलों के गश्ती दल (पैट्रोलिंग पार्टी) को उड़ाने के उद्देश्य से रास्ते में प्लांट किया था.
4 दिन पहले भी मिला था हथियारों का जखीरा; AK-47 की गोलियां और डेटोनेटर हुए थे बरामद
लुटुआ और बांकेबाजार के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का यह अभियान लगातार जारी है. इससे महज चार दिन पहले भी लुटुआ थाना क्षेत्र के डुमरी जंगल में सीआरपीएफ की 47वीं बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम ने 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' अभियान चलाया था. उस दौरान नक्सलियों के ठिकाने से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार मिले थे, जिनमें शामिल हैं:
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हथियार: एक भरमार बंदूक
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कारतूस: AK-47 के 5 जिंदा कारतूस और 2 एसएलआर (SLR) कारतूस
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ब्लास्टिंग सामग्री: एक इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 12 वोल्ट की बैटरी और करीब 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर
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अन्य सामान: हथियारों की सफाई से संबंधित किट और नक्सली सामग्री
बैकफुट पर नक्सली संगठन, जंगलों में हथियार छुपाकर भागने की रणनीति
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पिछले कुछ समय से चलाए जा रहे कड़े अभियानों के कारण नक्सली संगठन भारी दबाव में हैं और अब बैकफुट पर आ गए हैं. सीधे मुकाबले से बचते हुए वे अब जंगलों में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर भागने की रणनीति अपना रहे हैं. हाल ही में बरामद हुए आईईडी और हथियारों के जखीरे से साफ संकेत मिलता है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे सुरक्षा बलों ने समय रहते पूरी तरह नाकाम कर दिया.
नक्सली गतिविधियों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे: एसएसपी
मामले की पुष्टि करते हुए गया के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का अभियान पूरी मुस्तैदी के साथ जारी है. जंगलों से बरामद की गई सभी सामग्रियों को जब्त कर लिया गया है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षेत्र में किसी भी नक्सली गतिविधि को पनपने या सफल नहीं होने दिया जाएगा और आने वाले दिनों में यह सघन तलाशी अभियान और तेज किया जाएगा.