न्यूज़11 भारत
बेगूसराय/डेस्क: बेगूसराय के बहुचर्चित वर्ष 2018 के आर्म्स एक्ट मामले में पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को अदालत से बड़ा झटका लगा है. एमपी-एमएलए मामलों की विशेष अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर 90-90 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है. फैसला सुनाए जाने के बाद अदालत के निर्देश पर मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया.
आठ साल तक चली सुनवाई, अब आया फैसला
यह मामला वर्ष 2018 में बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर थाना में कांड संख्या-143/2018 के तहत दर्ज किया गया था. मामला अवैध हथियार रखने से जुड़ा था. केस दर्ज होने के बाद करीब आठ वर्षों तक अदालत में सुनवाई चली. लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई.
अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखीं दलीलें
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक संतोष कुमार और अपर लोक अभियोजक आरपी यादव ने अदालत में पक्ष रखा. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा का पक्ष रखते हुए अदालत के समक्ष अपनी दलीलें पेश कीं. वर्ष 2018 में दर्ज यह मामला बिहार की राजनीति में काफी चर्चा का विषय बना था.
यह भी पढ़ें- ब्रॉड पीक पर एवलांच में मशहूर पर्वतारोही Nirmal 'NIMS' Purja का निधन, पर्वतारोहण जगत में शोक