न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा / पटना न्यूज: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज देर शाम पटना पहुंचेंगे। यहां वह कल (23 मई) भाजपा के प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करेंगे। इस ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन पटना सिटी के मरची में किया जाएगी। 2 दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर का समापन भाषण 24 मई को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी देंगे।
कई बड़े नेता होंगे शामिल
बता दें कि पटना में आगामी 23 और 24 मई को भारतीय जनता पार्टी का दो दिवसीय “पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान” चलाया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन पटना बाईपास थाना के पास मरची में होगा। इस प्रशिक्षण को लेकर भाजपा संगठन की तैयारियां शुरू हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई बड़े नेता भी शामिल होंगे।
11 सत्रों में होगा प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि बिहार में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीतिक कवायद है। दो दिवसीय इस महाप्रशिक्षण अभियान में कुल 11 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भाजपा के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, मोर्चा प्रमुखों, प्रकोष्ठ संयोजकों और कार्यसमिति सदस्यों को संगठन संचालन, चुनाव प्रबंधन और जनसंपर्क के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में इन विषयों पर रहेगा फोकस
- बूथ सशक्तिकरण और “हर बूथ मजबूत” अभियान
- केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने की रणनीति
- सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार का प्रभावी उपयोग
- विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने का प्रशिक्षण
- नए मतदाताओं और युवाओं को संगठन से जोड़ने की योजना
- पंचायत और वार्ड स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ता नेटवर्क तैयार करना
- चुनावी प्रबंधन, माइक्रो प्लानिंग और डेटा आधारित संगठन विस्तार
- पार्टी की विचारधारा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों पर विशेष सत्र
युवाओं और प्रबुद्ध वर्ग पर विशेष फोकस
भाजपा इस प्रशिक्षण अभियान के माध्यम से सिर्फ पारंपरिक कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहना चाहती। पार्टी की योजना शिक्षकों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, उद्यमियों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग को भी संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की है। इसके लिए अलग-अलग प्रकोष्ठों को सक्रिय करने और सामाजिक समूहों में पहुंच बढ़ाने पर चर्चा होगी। साथ ही महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा को आगामी महीनों में विशेष अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी गांव से लेकर शहरी वार्ड तक “संपर्क से समर्थन” कार्यक्रम को तेज करने की तैयारी में है।