न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और हड़ताली कर्मचारियों के बीच चल रही वार्ता अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल और बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बीच हुई बातचीत में कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। सबसे प्रमुख मांग—राजस्व कर्मचारी का पदनाम बदलकर “सहायक राजस्व अधिकारी” करने—को स्वीकार कर लिया गया है। प्रधान सचिव ने आश्वासन दिया है कि इस प्रस्ताव को मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री तक भेजा जाएगा।
हड़ताल अवधि पर राहत, सेवा पर नहीं पड़ेगा असर
कर्मचारियों को हड़ताल अवधि को लेकर भी बड़ी राहत मिली है। सहमति के अनुसार, इस दौरान उनकी सेवा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार इस अवधि को असाधारण अवकाश के रूप में समायोजित करेगी, जिससे कर्मचारियों की अनुपस्थिति को नियमित किया जा सके। इस फैसले से हड़ताली कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता दूर होती दिख रही है और समाधान की राह आसान हुई है।
सरकार से सकारात्मक संकेत, अन्य मांगों पर उम्मीद
राजस्व सेवा संघ के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक बातचीत की उम्मीद बनी हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का रुख भी कर्मचारियों की मांगों के प्रति अनुकूल है। संघ की मांग है कि उनके संवर्ग के अधिकारियों को डीसीएलआर बनाया जाए, जिस पर सरकार पहले सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है। साथ ही पटना हाई कोर्ट का आदेश भी इस मांग के पक्ष में बताया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
इसे भी पढ़ें - कॉमन स्कूलिंग सिस्टम पर मांझी की बड़ी मांग, बोले—गरीब-अमीर सभी बच्चों को मिले समान शिक्षा