न्यूज11 भारत / पटना डेस्क: बिहार पुलिस महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब किशनगंज के डीएसपी (DSP) गौतम कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद उन पर निलंबन की गाज गिर गई। डीजीपी विनय कुमार ने आधिकारिक रूप से गौतम कुमार के निलंबन की पुष्टि की है और यह स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई का सिलसिला अभी जारी रहेगा।
आय से अधिक संपत्ति का बड़ा जाल
यह कार्रवाई आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा 29 मार्च को की गई छापेमारी के बाद हुई है। ईओयू की टीम ने पटना समेत प्रदेश के कुल छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी। इस छापेमारी में डीएसपी गौतम कुमार की अकूत संपत्ति का काला चिट्ठा खुल गया। जांच में सामने आया कि गौतम कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने, अपनी पत्नी, बेटे और एक महिला मित्र के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की थी। सोमवार को ईओयू कार्यालय में डीएसपी को तलब किया गया, जहां उनसे घंटों गहन पूछताछ की गई। सूत्रों का कहना है कि इस पूछताछ में कई और बड़े राज सामने आने की उम्मीद है, जिससे डीएसपी की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।
मोतिहारी शराब कांड पर DGP ने क्या बोला
इस बीच, डीजीपी विनय कुमार ने मोतिहारी में हुए हालिया शराब कांड पर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है। घटनास्थल से भारी मात्रा में शराब की खेप जब्त की गई है और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
डीजीपी ने इसे एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि पुलिस की सक्रियता से 1500 लीटर मेथनॉल को समय रहते जब्त कर लिया गया। यदि यह जहरीला पदार्थ शराब के रूप में बाजार में बिक जाता, तो राज्य में एक भयावह त्रासदी हो सकती थी। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर इस बड़े खतरे को टाल दिया है। डीजीपी ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार हो या अवैध शराब का धंधा, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।