न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। राज्यभर में ऐसे 1433 अपराधियों को चिन्हित किया गया है, जिन पर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का शक है। इनमें से 428 मामलों में कोर्ट को संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जबकि चार अपराधियों की संपत्ति जब्ती का आदेश भी जारी हो चुका है। यह जानकारी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।
हाईलाइट्स -
- बिहार में 1433 अपराधी अवैध संपत्ति मामले में चिन्हित
- 428 मामलों में कोर्ट को संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव
- 33 हजार से ज्यादा अपराधी पांच महीने में गिरफ्तार
- 70 हजार से अधिक दोषियों को अदालत से सजा
- * पुलिस पर हमला और हर्ष फायरिंग मामलों में 1146 गिरफ्तार
अपराध से अर्जित संपत्ति पर पैनी नजर
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक फिलहाल 103 मामलों में संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस खास तौर पर शराब तस्करी और अन्य अवैध कारोबार से बनाई गई संपत्तियों की जांच कर रही है। एडीजी ने साफ कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और कानून सबके लिए समान है। राज्य में अपराध के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने पर पुलिस का विशेष फोकस है।
पांच महीने में 33 हजार से ज्यादा गिरफ्तार
जनवरी से 15 मई 2026 के बीच हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में बिहार पुलिस ने 33,126 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 676 लोगों के खिलाफ सीसीए लगाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया, जिनमें से 252 मामलों को मंजूरी भी मिल चुकी है। दो अपराधियों को उनके क्षेत्र से बाहर रहने का आदेश भी दिया गया है।
अदालतों में तेजी से बढ़ी सजा की दर
पुलिस मुख्यालय की निगरानी में अदालतों में समय पर गवाह और साक्ष्य पेश किए जा रहे हैं, जिससे मामलों के निपटारे में तेजी आई है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच अदालतों ने 52,567 मामलों में 70,624 अपराधियों को सजा सुनाई। इनमें दो दोषियों को फांसी और 453 को उम्रकैद की सजा मिली है।
पुलिस पर हमला और हिंसा पर भी सख्त कार्रवाई
राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सांप्रदायिक हिंसा, भीड़ हिंसा, हर्ष फायरिंग और पुलिस पर हमले के मामलों में भी कार्रवाई तेज की है। इन मामलों में कुल 1146 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पर हमले के 1065, सांप्रदायिक हिंसा के 57, भीड़ हिंसा के 4 और हर्ष फायरिंग के 20 मामले दर्ज किए गए हैं।
अपराधियों को साफ संदेश
लगातार गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती और अदालतों में सजा दिलाने की कार्रवाई से बिहार पुलिस ने अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि अब अपराध कर बच निकलना आसान नहीं होगा। राज्य में अपराध के खिलाफ यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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