न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अभिषेक कुमार / पटना: बिहार पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद ने मंगलवार को राज्य के सभी जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान मतदाता-सूची के प्रारूप प्रकाशन का निर्देश दिया गया। इस दौरान मल्टी पोस्ट ईवीएम (एस-3 माडल) के रखरखाव पर चर्चा के बाद तय हुआ कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) निर्धारित तिथि तक पूरी कर ली जाएगी।
अप्रैल में जिलों में मिलेंगे मल्टी-पोस्ट ईवीएम
अप्रैल में ही मल्टी-पोस्ट ईवीएम जिलों को दे दिए जाएंगे। इसे वेयर हाउस में रखा जाएगा, जहां 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी एवं सशस्त्र सुरक्षा बल की तैनाती रहेगी। बता दें कि बिहार में पहली बार पंचायत व नगरपालिका आम-उप निर्वाचन में मल्टी-पोस्ट ईवीएम का उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा मल्टी-पोस्ट ईवीएम की 32,200 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 1,93,200 बैलेट यूनिट (बीयू) की खरीद की जाएगी। की जा रही है। इस ईवीएम की एक सीयू से छह पदों के लिए मतदान एवं मतगणना एक साथ हो सकती है।
अधिक पारदर्शी है मल्टी-पोस्ट ईवीएम
आयोग का दावा है कि परंपरागत ईवीएम की तुलना में यह अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं त्रुटिरहित मतदान एवं मतगणना सुनिश्चित करेगी। साथ ही इसमें छेड़छाड़-रोधी स्टोरेज एंड मेमोरी मॉड्यूल-कार्ड (एसएमएम) और टोटलाइजर की व्यवस्था है, जो मतगणना प्रक्रिया को और अधिक सटीक एवं विश्वसनीय बनाएगी।