न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा (संवाददाता) / पटना: बिहार की सम्राट चौधरी सरकार राजधानी पटना और उत्तर बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर काम में जुट गई है। जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) की सफलता के बाद अब गंगा के उत्तरी किनारे पर एक 56 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी की गई है। यह नई परियोजना बिदुपुर से दिघवारा तक बनेगी, जो न सिर्फ उत्तर बिहार की सूरत बदलेगा बल्कि पटना से कोईलवर की दूरी को भी काफी कम कर देगा।
जेपी गंगा पथ से लगभग तीन गुना लंबा होगा एक्सप्रेसवे
बिदुपुर से सारण जिले के दिघवारा तक बनने वाला यह एक्सप्रेसवे 'नॉर्दर्न गंगा एक्सप्रेसवे' के नाम से जाना जाएगा। इसे बिहार का दूसरा मरीन ड्राइव बोला जा रहा है। वर्तमान में जेपी गंगा पथ की लंबाई 20.5 किलोमीटर है, जबकि यह नया प्रोजेक्ट उससे लगभग तीन गुना बड़ा बनेगा।
फिर पटना से कोईलवर पहुंचने में लगेंगे 30 मिनट
इस 56 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद पटना से कोईलवर पहुंचने में जहां अभी 1.5 से 2 घंटे का समय लगता है, वहीं भविष्य में यह सफर मात्र 30 मिनट में पूरा हो सकेगा। इस एक्सप्रेसवे को पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, जिसके लिए DPR की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।
उत्तर और दक्षिण बिहार का बढ़ेगा व्यापारिक संपर्क
यह एक्सप्रेसवे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक सेतु का काम करेगा। शहर में लगने वाले जाम को खत्म करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी यह बिहार की सबसे आइकॉनिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक साबित हो सकती है।