न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क : बिहार सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इस संबंध में राज्य सरकार ने आधिकारिक संकल्प जारी कर दिया है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित होगी। लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कई डॉक्टर ड्यूटी के समय भी निजी क्लीनिक में व्यस्त रहते हैं, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
मरीजों को मिलेगा बेहतर और समय पर इलाज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस निर्णय का सीधा लाभ आम मरीजों को मिलेगा। खासकर ग्रामीण और जिला अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था सुधरेगी और मरीजों को समय पर डॉक्टर उपलब्ध हो सकेंगे।
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डॉक्टरों में असंतोष की आशंका
सरकार के इस फैसले के बाद डॉक्टरों के बीच नाराजगी भी देखने को मिल सकती है। कई डॉक्टरों का कहना है कि प्राइवेट प्रैक्टिस उनकी आय का अहम हिस्सा है, ऐसे में सरकार को वेतन और सुविधाओं पर भी विचार करना चाहिए।
जल्द जारी होंगे विस्तृत दिशा-निर्देश
राज्य सरकार ने संकल्प जारी कर दिया है और जल्द ही विस्तृत गाइडलाइंस भी जारी की जाएंगी। इसमें नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत
इस फैसले को बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब इसकी प्रभावी क्रियान्वयन पर सबकी नजरें टिकी हैं।