न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क़
पटना - बिहार की राजनीति में आज फिर से हलचल तेज हो गई है, क्योंकि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास, एक अणे मार्ग पर जारी है। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं। इसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता, विधायक, विधान परिषद सदस्य और पदाधिकारी शामिल हुए हैं।
हाईलाइट्स:
- जनता दल यूनाइटेड की विधायक दल की बैठक पटना में जारी
- नीतीश कुमार की अध्यक्षता में अहम मंथन
- विधायक दल के नेता और संगठनात्मक फैसलों पर चर्चा
- “नेक्स्ट सीएम ऑफ बिहार” पोस्टरों से बढ़ी सियासी हलचल
- निशांत कुमार को लेकर अटकलें तेज
विधायक दल के नेता के चयन पर नजर
इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें विधायक दल के नए नेता का चयन किया जाना है। माना जा रहा है कि यह फैसला आगे की राजनीतिक रणनीति और पार्टी की दिशा तय करेगा।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
बैठक से पहले जदयू के पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि यह बैठक संगठन को मजबूत बनाने और पार्टी की एकजुटता पर चर्चा के लिए बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि सभी विधायकों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिससे सामूहिक निर्णय लिया जा सके।
पदाधिकारियों के चयन पर भी चर्चा
वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि बैठक सुबह 11 बजे शुरु हुई। इसमें संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ पार्टी पदाधिकारियों के चयन को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।
पोस्टरों से बढ़ा सियासी तापमान
बैठक से पहले पार्टी दफ्तर के बाहर लगे पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। इन पोस्टरों में “नेक्स्ट सीएम ऑफ बिहार” जैसे नारे लिखे गए हैं, जिससे अटकलों का दौर तेज हो गया है।
नीतीश नहीं तो निशांत चाहिए... के नारे
एक पोस्टर में “नीतीश नहीं तो निशांत चाहिए” लिखा गया है, जिससे निशांत कुमार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के कुछ कार्यकर्ता उन्हें बिहार के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी निशांत की चर्चा
जदयू ने सोशल मीडिया पर निशांत कुमार की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें समाजवादी विचारधारा से प्रेरित बताया है। पोस्ट में कहा गया कि वे राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों से प्रभावित हैं और अपराध, भ्रष्टाचार तथा सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्त रुख रखते हैं।
बैठक के फैसलों पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल, जदयू की इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि यहां लिए गए फैसले न सिर्फ पार्टी की आंतरिक राजनीति, बल्कि बिहार के सियासी भविष्य को भी प्रभावित कर सकते हैं।
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