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रांची/डेस्क: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पर्व के अंतर्गत भारतीय जनता युवा मोर्चा, रांची महानगर द्वारा महानगर अध्यक्ष रोमित नारायण सिंह के नेतृत्व में छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में शहर के विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी चिंतन, शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान तथा भारत की एकता एवं अखंडता के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष से परिचित कराना था.
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राज्य सभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, शिक्षा, सिद्धांत और त्याग का अनुपम उदाहरण है. उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कम आयु में ही अपनी प्रतिभा के बल पर शिक्षा जगत में विशिष्ट पहचान बनाई और कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने. स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में उन्होंने देश के औद्योगिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी ने अपने पद का त्याग किया तथा जम्मू-कश्मीर में लागू दो विधान, दो प्रधान और दो निशान की व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया. उनका बलिदान राष्ट्र की एकता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है. उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे डॉ. मुखर्जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं.
भारतीय जनता युवा मोर्चा, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा. उनका संघर्ष केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और संविधान की समानता के लिए था. उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं का दायित्व है कि वे डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवाद, सेवा, अनुशासन और समर्पण के आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रपुरुषों के विचारों से जोड़ने का कार्य कर रहा है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का 125वां स्मरण पर्व केवल उनकी जयंती का आयोजन नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है. उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ भी नहीं होता. आज आवश्यकता है कि युवा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा युवाओं में राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा.
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने, राष्ट्र की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने तथा समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया. इस अवसर पर मुख्य रूप से सचिन साहू, अनूप यादव, नीरज कुमार, तरुण दास, अमन कुमार, अमित दुबे, आनंद कुमार, धर्मेंद्र शुक्ला, सनी सिंह, रोहित राज , रूपक मिश्रा सहित भारतीय जनता युवा मोर्चा के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.