न्यूज़11 भारत
मनोहरपुर/डेस्क: मनोहरपुर प्रखंड के खुदपोस गांव स्थित गंगा महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ ₹2 लाख 26 हजार की कथित ठगी का मामला सामने आया है. समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनके बैंक खाते से उनकी जानकारी और सहमति के बिना दो अलग-अलग तिथियों में राशि की निकासी कर ली गई. महिला समूह की सदस्यों ने बताया कि लगभग आठ दिन पहले उन्हें पैसों की आवश्यकता होने पर वे बैंक में ऋण की राशि निकालने पहुंचीं. इस दौरान बैंक प्रबंधक ने बताया कि समूह के खाते से पहले ही 18 अप्रैल 2022 को ₹96,000 तथा 1 फरवरी 2024 को ₹1,30,000 की निकासी हो चुकी है. यह जानकारी मिलते ही समूह की सदस्य हैरान और चिंतित हो गईं. समूह की अध्यक्ष मंदाकिनी देवी ने अपने दामाद को घटना की जानकारी दी और मामले की जांच कराने को कहा. बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि सुबानी तिग्गा, जो जेएसपीएल की बैंक दीदी के रूप में कार्यरत बताई जाती हैं, पर राशि निकासी का आरोप है. इसके बाद सभी महिलाएं जेएसपीएल कार्यालय, मनोहरपुर पहुंचीं और बीपीएम को पूरी जानकारी दी.
महिलाओं का आरोप है कि बीपीएम ने उन्हें सीधे सुबानी तिग्गा से बात करने की सलाह दी. जब महिलाएं सुबानी तिग्गा के घर पहुंचीं तो उन्होंने कथित तौर पर पैसे निकालने की बात स्वीकार करते हुए राशि लौटाने का आश्वासन दिया. महिलाओं के अनुसार, करीब छह महीने तक टालमटोल करने के बाद सुबानी तिग्गा ने ₹2 लाख 60 हजार का एक चेक दिया. समूह ने वह चेक बैंक में जमा भी कराया, लेकिन अब तक राशि उनके खाते में जमा नहीं हुई है. महिलाओं का कहना है कि खाते में फिलहाल केवल ₹5 शेष हैं. महिला समूह का कहना है कि उन्हें यह तक जानकारी नहीं थी कि उनके खाते से कब और किस आधार पर हस्ताक्षर कर राशि की निकासी की गई. उन्होंने बैंक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि समूह के अधिकृत सदस्यों की उपस्थिति और जानकारी के बिना इतनी बड़ी राशि कैसे निकाली गई. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मनोहरपुर प्रखंड में इस तरह के अन्य मामलों की भी चर्चा है. फिलहाल पीड़ित महिलाओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा उनकी राशि वापस दिलाने की मांग की है.