न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना / गोपालगंज : बिहार में सत्ताधारी दल जेडीयू के विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा घटनाक्रम में पुलिस ने दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल कर लिया है। आरोप है कि विधायक और उनके भाई ने भू-माफियाओं को संरक्षण देने के साथ-साथ अवैध जमीन कारोबार में उनकी मदद की। वारंट जारी होते ही पुलिस ने सक्रियता बढ़ाते हुए गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
एसपी ने बनाई स्पेशल टीम, कई ठिकानों पर दबिश
गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने विधायक और उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस की इस तेज कार्रवाई से जिले के सियासी माहौल में हलचल तेज हो गई है।
कुचायकोट थाने में दर्ज केस से शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार पूरा मामला कुचायकोट थाने में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय ने भू-माफियाओं को संरक्षण दिया और अवैध जमीन कब्जा व लेन-देन में सहयोग किया। पुलिस ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट से वारंट प्राप्त किया है।
बाहुबली छवि फिर बनी मुसीबत
पप्पू पांडेय की पहचान बिहार के प्रभावशाली और बाहुबली विधायकों में होती रही है। इससे पहले भी उनका नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर आरोपों से उनका पुराना नाता रहा है। ऐसे में भू-माफिया कनेक्शन का यह नया मामला उनकी राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें और बढ़ा सकता है।
लगातार चौथी बार विधायक, मजबूत राजनीतिक पकड़
अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय गोपालगंज जिले की कुचायकोट विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार विधायक हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत निर्दलीय रूप में की थी, लेकिन वर्तमान में वे जेडीयू के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनके परिवार का गोपालगंज, सीवान और उत्तर प्रदेश के देवरिया तक मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
विवादों से पुराना नाता, फिर चर्चा में नाम
गोपालगंज के चर्चित तिहरे हत्याकांड से लेकर कई अन्य मामलों तक पप्पू पांडेय का नाम बार-बार सुर्खियों में रहा है। हालांकि वे खुद को जनता का सेवक बताते रहे हैं, लेकिन हर नए विवाद के साथ उनकी छवि पर सवाल उठते रहे हैं। बावजूद इसके, क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और जातीय समीकरणों पर प्रभाव के कारण वे चुनावी राजनीति में अब तक अजेय रहे हैं।
सख्त अभियान के बीच बढ़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इन दिनों बिहार में अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में यह कार्रवाई भी काफी अहम मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस कब तक विधायक और उनके भाई को गिरफ्तार कर पाती है।
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