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रांची/डेस्क: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. आयोग के अनुसार, वायरल हो रहे प्रश्नपत्र असली परीक्षा से मेल नहीं खाते और यह मामला पूरी तरह से ठगी से जुड़ा हुआ है. रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि तमाड़ क्षेत्र से जब्त किए गए प्रश्नपत्र वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से पूरी तरह अलग पाए गए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई है और अभ्यर्थियों को भ्रमित करने के लिए अफवाह फैलाई गई.
गिरोह ने कई अभ्यर्थियों से 15 लाख रुपये तक की रकम वसूल की
जांच के दौरान यह सामने आया कि एक संगठित सॉल्वर गैंग ने उम्मीदवारों को धोखा देने के लिए नकली पेपर लीक का झांसा दिया. इस गिरोह ने कई अभ्यर्थियों से 15 लाख रुपये तक की रकम वसूल की. पुलिस कार्रवाई में इस गिरोह के सरगना अतुल वत्स सहित कुल 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा, मामले में शामिल 159 अभ्यर्थियों को भी हिरासत में लिया गया है. आयोग ने साफ किया है कि इन सभी अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंधित किया जाएगा.
पेपर लीक में पहले भी आ चुका है आरोपियों का नाम
रांची के SSP राकेश रंजन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का पहले भी पेपर लीक से जुड़े मामलों में नाम सामने आ चुका है. फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है. आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों का उपयोग करने पर सख्त दंड दिया जाएगा. यह मामला राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर चल रहे ठगी के नेटवर्क को उजागर करता है, जिस पर अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.
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