न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - पटना में सियासत और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला, जब जदयू कार्यालय में एक खास कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार पर बनी शॉर्ट फिल्म ‘मेरा नेता मेरा अभिमान’ का विमोचन किया गया। इस मौके पर उनके बेटे निशांत कुमार पहली बार नई सरकार के गठन के बाद सार्वजनिक मंच पर नजर आए। फिल्म में नीतीश कुमार के दो दशक लंबे राजनीतिक सफर और उनके कामकाज को प्रमुखता से दिखाया गया। साथ ही एक समर्पित गीत के रिलीज ने कार्यक्रम को और भावुक बना दिया।
हाईलाइट्स:
- नीतीश कुमार पर बनी शॉर्ट फिल्म ‘मेरा नेता मेरा अभिमान’ का पटना में लॉन्च
- कार्यक्रम में अशोक चौधरी भावुक, मंच पर छलके आंसू
- निशांंत कुमार ने संभाला माहौल, पहली बार सार्वजनिक रुप से दिखे
- निशांत ने सम्राट चौधरी को बताया ‘बड़ा भाई’, सरकार को समर्थन का ऐलान
- डिप्टी सीएम बनने से किया इनकार, संगठन पर फोकस का संकेत
अशोक चौधरी की आंखें हुईं नम
कार्यक्रम के दौरान जदयू नेता अशोक चौधरी उस वक्त भावुक हो उठे, जब उन्होंने नीतीश कुमार के साथ बिताए अपने अनुभव साझा किए। मंच से बोलते-बोलते उनकी आवाज भर्रा गई और आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार केवल एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और अभिभावक की तरह रहे हैं। उनके अनुसार, अगर उन्हें और समय मिलता, तो बिहार का विकास और तेज रफ्तार पकड़ सकता था।
निशांत ने संभाला मंच का माहौल
इस भावुक पल में निशांत कुमार ने आगे बढ़कर अशोक चौधरी को संभाला। उन्होंने उनके कंधे पर हाथ रखकर हौसला दिया, जिससे माहौल और भी संवेदनशील हो गया। वहां मौजूद कार्यकर्ता भी इस दृश्य से प्रभावित हुए। निशांत के जदयू दफ्तर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। साथ ही निशांत की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर भी चर्चा काफी तेज हो रही है ।
निशांत ने सम्राट को बताया ‘बड़ा भाई
कार्यक्रम में आए मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने नई सरकार को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को “बड़ा भाई” बताते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि वह उनके नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। साथ ही विजय कुमार चौधरी को भी शुभकामनाएं दीं और भरोसा दिलाया कि उनके पिता का समर्थन सरकार के साथ बना रहेगा।
राजनीति में सक्रियता के संकेत
निशांत कुमार ने यह भी संकेत दिया कि वह सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच जाकर पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे और अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। हालांकि नई सरकार के गठन के दौरान निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने को लेकर चर्चाएं तेज थीं, लेकिन उन्होंने इस पद को स्वीकार नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, इस फैसले के पीछे व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के साथ-साथ नीतीश कुमार की इच्छा भी अहम कारण रही।
इसे भी पढ़ें - कर्जदार बिहार में ‘विज्ञापन की बौछार’! तेजस्वी ने सम्राट चौधरी पर किया सिधा हमला..