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नई दिल्ली/डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार को नागालैंड के 09 ज़िलों और पांच अन्य ज़िलों के 21 पुलिस स्टेशनों के तहत आने वाले खास इलाकों में आर्म्ड फोर्सेस (स्पेशल पावर्स) एक्ट, 1958 (AFSPA) को और छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. इन इलाकों को "अशांत क्षेत्र" (disturbed areas) घोषित किया गया है और यह आदेश 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा. दीमापुर, न्यूलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफायर, नोकलाक, फेक, पेरेन और मेलुरी जिलों में AFSPA बढ़ाया गया है.
नागालैंड के इन इलाकों में भी AFSPA लागू रहेगा:
कोहिमा ज़िले में खुज़ामा, कोहिमा नॉर्थ, कोहिमा साउथ, ज़ुबज़ा और केज़ोचा पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाके; मोकोकचुंग ज़िले में मैंगकोलेम्बा, मोकोकचुंग-I, लॉन्गथो, तुली, लॉन्गचेम और अनाकी 'C' पुलिस स्टेशन; लॉन्गलेन्ग ज़िले में यांगलोक पुलिस स्टेशन; वोखा ज़िले में भंडारी, चम्पांग और रालन पुलिस स्टेशन; और ज़ुन्हेबोतो ज़िले में घाताशी, पुघोबोतो, साताखा, सुरुहुतो, ज़ुन्हेबोतो और अघुनातो पुलिस स्टेशन.
क्या है AFSPA?
MHA ने संबंधित सुरक्षा विंग के आकलन, इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद राज्य में हालात की गंभीरता को देखते हुए एक नोटिफिकेशन के ज़रिए यह घोषणा की. AFSPA केंद्र सरकार को एक्ट की धारा 3 के तहत किसी इलाके को 'अशांत क्षेत्र' घोषित करने का अधिकार देता है, जहाँ नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सशस्त्र बलों का इस्तेमाल ज़रूरी समझा जाता है. यह ताज़ा घोषणा 1 अक्टूबर, 2026 से छह महीने तक लागू रहेगी, जब तक कि इसे पहले वापस न ले लिया जाए. AFSPA "अशांत इलाकों" में तैनात सशस्त्र बलों को विशेष अधिकार देता है, जिसमें ऑपरेशन चलाने और बिना वारंट के गिरफ़्तार करने की शक्ति शामिल है, साथ ही नेक नीयत से की गई कार्रवाई के लिए कानूनी सुरक्षा भी मिलती है.
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