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रांची/डेस्क: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों में महायुति गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए एशिया के सबसे धनी नगर निकाय पर दशकों से चला आ रहा ठाकरे परिवार का वर्चस्व खत्म कर दिया हैं. इस नतीजे के साथ ही मुंबई को लंबे अंतराल के बाद बीजेपी-शिवसेना का महापौर मिलने का रास्ता साफ हो गया हैं.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बीजेपी ने बीएमसी में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया हैं. पार्टी ने 227 वार्डों में से 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जो 2017 के चुनाव में मिली 82 सीटों से अधिक हैं. सहयोगी शिवसेना (शिंदे) ने 29 सीटें जीती. इस तरह महायुति गठबंधन की कुल सीटें 118 हो गई, जो बहुमत के 114 के आंकड़े से कहीं आगे हैं.
ठाकरे परिवार के गढ़ में बड़ी सेंध
एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर बीजेपी ने इस बार ठाकरे परिवार के पारंपरिक गढ़ में निर्णायक सेंध लगाई हैं. दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), मनसे और एनसीपी (शरद पवार) के गठबंधन को कुल 72 सीटों पर संतोष करना पड़ा.
अविभाजित शिवसेना ने 1997 से लगातार बीएमसी पर शासन किया था. इस चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) को 65 सीटें मिली. राज ठाकरे की मनसे ने 6 सीटें और एनसीपी (शरद पवार) ने 1 सीट हासिल की. कांग्रेस ने 24 सीटें, AIMIM ने 8, एनसीपी (अजित पवार) ने 3 और समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें जीती. इसके अलावा 2 निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी रहे.

प्रधानमंत्री मोदी का आभार संदेश
बीएमसी चुनाव में एनडीए को बहुमत मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई की जनता का आभार जताया. उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा कि एनडीए को आशीर्वाद देने के लिए वे मुंबई के भाई-बहनों के अत्यंत आभारी हैं.
मुंबई देश का गौरव: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई हमारे देश का गौरव और सपनों का शहर है, जो देश के विकास को गति देता हैं. यह शहर महाराष्ट्र की जीवंत संस्कृति की सर्वोत्तम झलक पेश करता हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसी भावना के साथ शहरवासियों को सुशासन और बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
भारी बजट वाली बीएमसी, अहम जनादेश
227 सदस्यीय बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 हैं. देश के सबसे धनी नगर निकाय बीएमसी का 2025–26 का बजट 74,427 करोड़ रुपये हैं. मुंबई और 28 अन्य नगर निकायों के चुनावों में कुल 54.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. मतदान के एक दिन बाद शुक्रवार को मतगणना हुई और परिणामों ने राज्य की नगर राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज कर दिया.
बीएमसी चुनाव के नतीजों को मुंबई की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा हैं. महायुति की इस जीत ने न सिर्फ स्थानीय सत्ता समीकरण बदले है बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए भी मजबूत संदेश दिया हैं.
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