न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार की सियासत को लेकर एक बार फिर तेजस्वी का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें राज्य की मौजूदा सरकार और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। तेजस्वी ने अपने बयान में आरोप लगाया गया है कि बिहार में फैसले स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि दिल्ली से लिए जा रहे हैं और राज्य की सरकार रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है।
हाईलाइट्स :
- बिहार की राजनीति पर “दिल्ली से कंट्रोल” होने का आरोप
- सिर्फ दो लोगों द्वारा सत्ता का फैसला तय होने का दावा
- जनता के मैंडेट की अनदेखी का आरोप
- नीतीश कुमार को पद से हटाने की साजिश का दावा
- 2 महीने से कैबिनेट मीटिंग नहीं होने पर सवाल
- राज्य के विकास पर असर और बिहार के पिछड़ने की चिंता
दो लोगों के हाथ में सत्ता का फैसला
तेजस्वी ने कहा कि बिहार में कौन मुख्यमंत्री बनेगा या कौन पद पर रहेगा, इसका निर्णय केवल दो लोग मिलकर करते हैं। जनता के जनादेश का इसमें कोई महत्व नहीं रह गया है और जो भी फैसला होता है, वह दिल्ली से तय होकर आता है। साथ ही यह भी कहा गया कि जो लोग सत्ता में हैं, उनके पास जनता का स्पष्ट जनादेश नहीं है। ऐसे में सरकार की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया गया है।
नीतीश कुमार को हटाने को लेकर तेजस्वी ने NDA पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद से हटाने का फैसला पहले ही दिल्ली में लिया जा चुका था। अब उनके चाहने या न चाहने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। साथ ही कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके साथ जो किया, उसकी जानकारी उन्हें पहले से थी।
सरकार के कामकाज पर सवाल
सरकार के कामकाज को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। दावा किया गया कि पिछले दो महीनों से कैबिनेट की कोई बैठक नहीं हुई है और कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है। बयान में चिंता जताई गई कि मौजूदा हालात में बिहार विकास की दौड़ में पीछे जा रहा है। यह भी कहा गया कि जनता को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा, बल्कि उन्हें विकास और सुशासन चाहिए।
इसे भी पढ़ें - फतुहा में टला बड़ा रेल हादसा, पिकअप वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर