न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना- ंसम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही नेता प्रतिपक्ष लगातार निशाना साधते दिख रहें हैं, कल सम्राट चौधरी को बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने पर काफी ही तंज कसते हुए शुभकामनाएं दी तो आज तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सम्राट पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है, जहां प्रति व्यक्ति औसतन ₹27,000 का कर्ज है साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में करीब 5 लाख सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है, लेकिन सरकार लाखों रुपये विज्ञापन पर खर्च कर रही है।
हाइलाइट्स:
- फुल पेज विज्ञापन पर विवाद
- तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा
- नीतीश कुमार की तस्वीर पर उठे सवाल
- खर्च और नियमों को लेकर बहस
बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा 16 अप्रैल को जारी फुल पेज विज्ञापन को लेकर सियासत गरमा गई है। इस विज्ञापन में राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार की तस्वीर प्रकाशित होने पर Tejashwi Yadav ने सवाल उठाए हैं।
गरीबी और कर्ज का हवाला देकर खर्च पर उठाया सवाल
तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में कहा कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है, जहां प्रति व्यक्ति औसतन ₹27,000 का कर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में करीब 5 लाख सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है, लेकिन सरकार लाखों रुपये विज्ञापन पर खर्च कर रही है। तेजस्वी के इस बयान का बाद बिहार की सियासत काफी ही गरमा गई है। बिहार की जनता के बीच भी काफी ही इसको लेकर काफी ही नाराजगी है।
‘Selected CM’ कहकर साधा तंज
आरजेडी नेता ने ‘Selected CM’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह खर्च जनता के पैसे का दुरुपयोग है और इसका उद्देश्य केवल राजनीतिक छवि को चमकाना है।
विज्ञापन की वैधता पर भी उठे सवाल
तेजस्वी यादव ने यह भी पूछा कि बिहार सरकार किस आधार पर एक राज्यसभा सांसद की तस्वीर सरकारी विज्ञापन में छाप सकती है। उन्होंने इसे संभावित रूप से नियमों और अदालत के निर्देशों के उल्लंघन से भी जोड़ा और पूछा कि क्या पहले ऐसा कभी हुआ है। इस पूरे मामले को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजरें राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
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