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रांची/डेस्क: झारखंड के धनबाद जिले के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में गुरुवार रात एक मरीज की मृत्यु के बाद भारी हंगामा हुआ. मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन पर हमला कर दिया, जिससे लगभग आधा दर्जन डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए. इस घटना के विरोध में सभी डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया, जिसके परिणामस्वरूप अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गईं. सैकड़ों मरीज इलाज के अभाव में परेशान हैं, और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं.
पूरा मामला
बता दें कि घटना SNMMCH के मेडिसिन विभाग की इमरजेंसी वार्ड में शाम लगभग 6 बजे हुई. एक मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए दोपहर में डॉक्टरों की टीम ने उसे रांची के रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) के लिए रेफर करने की सलाह दी थी, लेकिन मरीज के परिजनों ने इस सुझाव को मानने से इनकार कर दिया. शाम के समय मरीज की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल से एम्बुलेंस की मांग की. डॉक्टरों ने उन्हें 108 आपातकालीन सेवा से एम्बुलेंस बुलाने की सलाह दी, लेकिन तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी.
मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का गुस्सा भड़क उठा, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों पर हमला कर दिया. इस हमले में कई डॉक्टर घायल हुए, और अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिजनों ने न केवल डॉक्टरों को पीटा, बल्कि चिकित्सा उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया. अस्पताल प्रशासन ने तुरंत धनबाद पुलिस को सूचित किया, जो घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में सफल रही.
हमले के बाद, नाराज जूनियर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. इसके परिणामस्वरूप, डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की और अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया. इस हड़ताल के चलते इमरजेंसी, OPD और अन्य सेवाएं प्रभावित हुईं, जिससे सुबह से ही सैकड़ों मरीजों को इलाज के लिए निराशा का सामना करना पड़ा.
वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि यह घटना अस्पताल में बढ़ती हिंसा की घटनाओं का एक हिस्सा हैं. वे मांग कर रहे हैं कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, जिसमें CCTV कैमरे, अधिक सुरक्षा गार्ड और डॉक्टर संरक्षण अधिनियम का सख्ती से पालन शामिल है. इसके साथ ही, उन्होंने हमलावरों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने और उन्हें सजा देने की भी मांग की. डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे.
अस्पताल के अधीक्षक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस जांच जारी है और हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया चल रही है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डॉक्टरों से हड़ताल समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू की है, लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है. धनबाद के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल का दौरा किया और स्थिति को सामान्य करने के निर्देश दिए.