मुमताज अहमद/न्यूज़11 भारत
खलारी/डेस्क: खलारी प्रखंड की बुकबुका पंचायत में निर्माणाधीन स्वास्थ्य उपकेंद्र का कार्य एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है. आरोप है कि निर्माण कार्य में लगी एजेंसी की लापरवाही से बहु उद्देशीय ग्रामीण जलापूर्ति योजना की मुख्य सप्लाई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे साईनगर, गुलजार बाग, अमरूश धौड़ा, जेहलीटांड़ तथा आसपास के कई गांवों और टोला-मोहल्लों के सैकड़ों घरों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है.
जानकारी के अनुसार, बुकबुका पंचायत स्थित जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) गोदाम के समीप स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण के लिए भूमि समतलीकरण एवं खुदाई का कार्य कराया जा रहा था. इसी दौरान भूमिगत जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई. पाइप टूटने से योजना के तहत होने वाली जलापूर्ति बाधित हो गई है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार साईनगर के लगभग 50 घरों सहित गुलजार बाग, अमरूश धौड़ा, जेहलीटांड़ और आसपास के अन्य गांवों के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से समन्वय कर भूमिगत पाइपलाइन की स्थिति की जानकारी ली गई होती, तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आवश्यक सावधानी नहीं बरती जा रही है. एक ओर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उसी कार्य के कारण लोगों की पेयजल व्यवस्था ठप हो गई है. बहु उद्देशीय ग्रामीण जलापूर्ति योजना क्षेत्र के लोगों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत है और इसके प्रभावित होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराने, जलापूर्ति व्यवस्था शीघ्र बहाल करने तथा लापरवाही बरतने वाली एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है. उनका कहना है कि विकास कार्यों के दौरान यदि मूलभूत सुविधाओं को ही नुकसान पहुंचाया जाएगा तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है. वहीं बहुउद्देशीय ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में कार्यरत कर्मी ने बताया कि उप-स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण कार्य की देखरेख में लगे लोगों ने जल्दी ही पाइप लाइन ठीक करने की बात कही है.