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सिमडेगा/डेस्क: जल संरक्षण एवं सतत विकास की अवधारणा को समझने के उद्देश्य से चेन्नई स्थित एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के तीन छात्र अशिष कुमार, अक्षत आनंद एवं प्रियांशु राज ने आज सिमडेगा जिले अंतर्गत कोलेबिरा प्रखंड के ऐड़ेगा एवं लचरागढ़ पंचायत क्षेत्र का शैक्षणिक एवं अनुसंधान भ्रमण किया.
मुस्कान विकास संस्था के सहयोग से आयोजित इस अध्ययन यात्रा के दौरान छात्रों ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं एवं उनकी उपयोगिता का गहन अध्ययन किया.भ्रमण के दौरान छात्रों ने तालाब , चेक डैम , टीसीपी बंड तथा अर्दन चेक डैम जैसी जल संरक्षण संरचनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया. उन्होंने इन संरचनाओं की निर्माण प्रक्रिया, कार्यप्रणाली, वर्षा जल संचयन की तकनीकों तथा भूजल स्तर को बनाए रखने में उनकी भूमिका को विस्तारपूर्वक समझा. साथ ही, इन जल संरक्षण उपायों से किसानों को द्वितीय फसल के लिए वर्षभर जल उपलब्ध होने और कृषि उत्पादन में होने वाली वृद्धि की जानकारी भी प्राप्त की.
छात्रों ने स्थानीय समुदाय द्वारा अपनाई जा रही जल प्रबंधन की पारंपरिक एवं वैज्ञानिक पद्धतियों का अध्ययन करते हुए यह जाना कि किस प्रकार सामुदायिक सहभागिता, वैज्ञानिक सोच और स्थानीय अनुभवों के समन्वय से जल संसाधनों का प्रभावी एवं टिकाऊ प्रबंधन संभव है. उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट के समाधान की दिशा में एक प्रेरणादायी मॉडल बताया. यह अध्ययन यात्रा छात्रों के तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करने के साथ-साथ जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन एवं सतत विकास के प्रति उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुई.