न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत बजट दिशाहीन है और गरीब एवं मध्यम वर्ग विरोधी है. उन्होंने कहा कि नए बजट की राशि 10,000 करोड़ बढ़ाकर जनता की आंख में धूल झोंका जा रहा है. सरकार विगत बजट की आबंटित राशि का मात्र आधा पैसा ही खर्च कर पाई है, जिससे राज्य में विकास ठप है.
सुदेश महतो ने कहा कि सरकार ने बजट के माध्यम से छात्रों–युवाओं के साथ साथ आदिवासी, दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यक सबों को छलने का कार्य किया है. बकाया छात्रवृत्ति और रोजगार के मुद्दे पर बजट में कोई पहल नहीं की गई है.
सुदेश महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलने का रोना रोते हैं, जबकि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर जी सदन में कहते हैं कि उनके पास पर्याप्त पैसा है. बजट में सरकार ने 10,000 करोड़ की राशि बढ़ाई है, लेकिन सच्चाई यह है कि राज्य सरकार 31 जनवरी 2026 तक विगत बजट का मात्र 50.29% पैसा ही खर्च कर पाई थी.
झारखंड आंदोलनकारी निराश हैं बजट से : प्रवीण प्रभाकर
आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि बजट ने झारखंड आंदोलनकारियों को निराश किया है. उन्हें आशा थी कि बजट में पेंशन वृद्धि, आरक्षण और सुविधाओं पर प्रावधान बढ़ेगा. राज्य की बड़ी जनता विस्थापन और पलायन की शिकार है. उनके लिए बजट में कोई जिक्र नहीं है. इसके अलावा छात्रों और युवाओं को भी बजट ने निराश किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन बजट में इसपर ध्यान नहीं दिया गया है.
आदिवासी–दलित विरोधी बजट : डॉ देवशरण भगत
आजसू के मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा है कि यह बजट आदिवासी, दलित और पिछड़ा विरोधी है. झामुमो और कांग्रेस गंठबंधन की सरकार जनता को छल रही है. महिलाओं और किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है. राज्य सरकार के खराब वित्तीय प्रबंधन के कारण राज्य में विकास कार्य ठप हैं.
ये भी पढ़ें- राज्यसभा सांसद महुआ मांझी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, FIR हुआ रद्द