मिशन वात्सल्य योजना

समाहरणालय सभागार में 'मिशन वात्सल्य योजना' के तहत 77 बच्चों के बीच स्पॉन्सरशिप सहायता राशि का हुआ वितरण

कार्यक्रम के दौरान विधायक रामगढ़ ममता देवी, विधायक मांडू निर्मल महतो, उपयुक्त रामगढ़ ऋतुराज उपस्थित रहे

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
समाहरणालय सभागार में 'मिशन वात्सल्य योजना' के तहत 77 बच्चों के बीच स्पॉन्सरशिप सहायता राशि का हुआ वितरण

राहुल सिंह/न्यूज11  भारत

रामगढ़/डेस्क: समाहरणालय सभागार, रामगढ़ में जिला बाल संरक्षण इकाई (सामाजिक सुरक्षा कोषांग) द्वारा 'मिशन वात्सल्य योजना' के तहत स्पॉन्सरशिप सहायता राशि वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. इस दौरान विधायक रामगढ़ ममता देवी, विधायक मांडू निर्मल महतो, उपयुक्त रामगढ़ ऋतुराज कार्यक्रम में उपस्थित रहे.

कार्यक्रम मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत जरूरतमंद बच्चों के देखरेख एवं संरक्षण हेतु बच्चों को स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा, पोषण एवं अन्य विकासपरक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आयोजित किया गया. इस दौरान जिले के 77 जरूरतमंद, अनाथ एवं देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के बीच ₹4,000 प्रति माह की दर से आर्थिक लाभ राशि का वितरण किया गया, जिसके तहत मंच से बच्चों को स्वीकृति/प्रशस्ति पत्र तथा डेमो चेक प्रदान किए गए. वही बताते चले की जिले में अब तक इस योजना से कुल 754 बच्चों के बीच ₹4,000 प्रति माह की दर से आर्थिक लाभ राशि का वितरण किया गया है.

इस अवसर पर माननीय विधायक श्रीमती ममता देवी ने अपने संबोधन में कहा कि मिशन वात्सल्य योजना राज्य सरकार की एक अत्यंत महत्त्वाकांक्षी पहल है, जो बच्चों के शुरुआती पोषण एवं सुरक्षा से लेकर उनके सर्वांगीण विकास का जिम्मा उठाती है. योजना के अंतर्गत मिलने वाली ₹4,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करेगी ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई या बेहतर पालन-पोषण से वंचित न रहे.

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त श्री ऋतुराज ने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना का मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक संबल प्रदान करना है. जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी योग्य बच्चों को इस योजना से जोड़ना है और इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत स्तर तक इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इसका लाभ पहुँच सके.

कार्यक्रम में मुख्य रूप से बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती शांति बागे, विधायक प्रतिनिधि श्री मुकेश यादव, जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए अभिभावक सहित बाल संरक्षण कार्यालय के  पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.*

उल्लेखनीय है कि मिशन वात्सल्य (स्पॉन्सरशिप) योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे पात्र हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में ₹72,000 तथा शहरी क्षेत्रों में ₹96,000 (या सरकार द्वारा निर्धारित सीमा) से अधिक न हो तथा जो अनाथ हों, एकल अभिभावक (विधवा, परित्यक्ता या तलाकशुदा महिला) के बच्चे हों, गंभीर/असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे हों, या फिर बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी एवं आपदा/हिंसा से प्रभावित रहे हों. इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक लाभार्थी अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र, प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), रामगढ़ से आवेदन पत्र प्राप्त कर उसमें आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक तथा श्रेणी संबंधी आवश्यक कागजात संलग्न कर DCPU कार्यालय या आंगनवाड़ी सेविका/पर्यवेक्षिका के माध्यम से जमा कर सकते हैं, जिसके उपरांत जिलास्तरीय 'स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर अप्रूवल कमेटी' (SFCAC) द्वारा जांच एवं स्वीकृति दिए जाने पर प्रतिमाह ₹4,000 की सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) भेज दी जाती है.

मिशन वात्सल्य योजना (स्पॉन्सरशिप): पात्रता एवं लाभ लेने की प्रक्रिया

1. योजना के तहत कौन-कौन पात्र हैं? (Eligibility)
आयु सीमा: बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए.
आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में ₹72,000 तथा शहरी क्षेत्रों में ₹96,000 (या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित सीमा) से अधिक न हो.

विशेष पात्र श्रेणियाँ:
अनाथ बच्चे.
एकल अभिभावक (विधवा, तलाकशुदा, या परिवार द्वारा परित्यक्ता महिला) के बच्चे.
ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता गंभीर या असाध्य बीमारी (जैसे कैंसर, एड्स आदि) से पीड़ित हों या शारीरिक/आर्थिक रूप से देखभाल करने में असमर्थ हों.
बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी, बाल विवाह, हिंसा, उत्पीड़न या आपदा/दुर्घटना से प्रभावित/मुक्त कराए गए बच्चे.
बेघर, सड़कों पर रहने वाले या अत्यंत निर्धन एवं देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे.

2. आवश्यक दस्तावेज 

  • अभिभावक एवं बच्चे का आधार कार्ड
  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
  • अंचल अधिकारी (CO) / सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत आय प्रमाण पत्र
  • अभिभावक/बच्चे के संयुक्त या एकल बैंक खाता पासबुक की छायाप्रति
  • बच्चे की हालिया पासपोर्ट साइज फोटो
  • अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र (स्कूल/आंगनवाड़ी केंद्र का प्रमाण पत्र)
  • विशेष श्रेणी संबंधी प्रमाण पत्र (जैसे— माता/पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, मेडिकल सर्टिफिकेट या विकलांगता प्रमाण पत्र, आदि लागू हो).

यह भी पढ़ें: अमलिया में तीन हाथियों का उत्पात, ग्रामीणों में दहशत में वन विभाग से मुआवजा और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की मांग

संबंधित सामग्री

बेतला नेशनल पार्क में पांच चीतलों का शिकार करने के मामले में तीन गिरफ्तार, जेल भेजे गए

बेतला नेशनल पार्क में पांच चीतलों का शिकार करने के मामले में तीन गिरफ्तार, जेल भेजे गए

चार अभी भी फरार हैं, घटना 27 सितंबर, 2026 की बताई जा रही है, कुल सात शिकारियों के शामिल होने की जानकारी आई है सामने

SIR-2026 को लेकर निर्वाचन आयोग के सचिव की समीक्षा बैठक, पात्र मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करने पर जोर

SIR-2026 को लेकर निर्वाचन आयोग के सचिव की समीक्षा बैठक, पात्र मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करने पर जोर

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज समेत तीनों विधानसभा क्षेत्रों के ERO, AERO, संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे<br/>

गढ़वा में बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना में लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा, गढ़वा DC ने कहा- जांच के बाद होगी कठोर कार्रवाई

गढ़वा में बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना में लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा, गढ़वा DC ने कहा- जांच के बाद होगी कठोर कार्रवाई

गढ़वा जिले के खरौन्धी प्रखंड के खरौन्धी पंचायत में बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना में लाखों रूपये के फर्जीवाड़ा की मामला सामने आई है

डीसी ने बालूमाथ मुख्य पथ से अतिक्रमण हटाने और कोयला वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोकथाम के लिए दिए निर्देश

डीसी ने बालूमाथ मुख्य पथ से अतिक्रमण हटाने और कोयला वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोकथाम के लिए दिए निर्देश

3 अक्टूबर को प्रखंड कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों और ग्रामीणों के साथ समस्याओं के समाधान पर होगी चर्चा