हर अच्छे काम का विरोध करना, षड्यंत्र और राजनीति करना, कांग्रेस का इतिहास - आदित्य साहू

हर अच्छे काम का विरोध करना, षड्यंत्र और राजनीति करना, कांग्रेस का इतिहास - आदित्य साहू

'बिल का विरोध कर झामुमो, कांग्रेस, राजद ने दिखाया अपना चरित्र, इस जघन्य पाप की माफी नहीं'

हर अच्छे काम का विरोध करना षड्यंत्र और राजनीति करना कांग्रेस का इतिहास - आदित्य साहू

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क:  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अच्छी सोच के साथ देश की देवी स्वरूप महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण देने का विधेयक लाया था लेकिन हर अच्छे काम का विरोध करना, षड्यंत्र और राजनीति करना, कांग्रेस का इतिहास रहा है. यह बिल भी कांग्रेस की राजनीति का शिकार हो गया. कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों ने राजनीतिक रूप से बहुत बड़ा अपराध और जघन्य पाप करने का काम किया है. इस बिल का विरोध करके झामुमो, कांग्रेस , राजद ने अपना चरित्र देश की महिलाओं को दिखाने का काम किया है. महिलाएं इस राजनीतिक पाप के लिए इन पार्टियों को कभी माफ नहीं करेगी. श्री साहू हजारीबाग में फ्लोरिस्टा होटल में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. 

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के बाद से ही सत्ता में कांग्रेस रही है लेकिन विभिन्न अवसरों पर झारखंड और देश की जनता को ठगने का काम किया है. यह लोग महिलाओं को आरक्षण देने का केवल दिखावा करते हैं, चुनाव के पूर्व घोषणा भी किया परंतु कभी इस दिशा में ईमानदारी पूर्वक पहल नहीं की. इनकी कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहा है.

साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री एक साधारण परिवार से आते हैं. वह हर वह काम करना चाहते हैं जिससे लोगों का उसका फायदा मिल सके. इसी क्रम में इस बिल को लेकर पिछले दिनों विशेष सत्र का आयोजन किया गया था , सभी सांसद उसमें उपस्थित थे. लेकिन विपक्ष का इस दौरान देश की जनता ने जो नंगा नाच देखा वह किसी से छुपा नहीं है.  बिल के माध्यम से किसी को व्यक्तिगत अधिकार नहीं दिया जा रहा था बल्कि आधी आबादी को यह लाभ मिल रहा था ताकि अधिक से अधिक संख्या महिलाएं अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करके जनता की आवाज को बुलंद कर सके. हर अच्छे काम पर कांग्रेस राजनीति करती रही है. यह बिल भी राजनीति का शिकार हो गया.

साहू ने आगे कहा कि जब से बिल गिरा है तब से पूरा देश आक्रोशित है. हर जगह अपने-अपने तरीके से महिलाएं विरोध कर रही हैं. इसी निमित्त झारखंड में भी 25 अप्रैल को रांची स्थित मोराबादी मैदान में हजारों की संख्या महिलाएं पदयात्रा में शामिल होगी. 25 अप्रैल को 11:00 बजे से रांची के सड़कों पर एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें आम लोगों की भी सहभागिता होगी. यह आक्रोश पदयात्रा रांची का सबसे बड़ा पदयात्रा साबित होगा. रांची के बाद प्रत्येक जिले में, मंडल में, पंचायत में और गांव में भी इस प्रकार का पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा. मंडल में 25 से लेकर 30 अप्रैल तक पदयात्रा करते हुए कांग्रेस सहित विपक्ष का पुतला दहन किया जाएगा. झारखंड में 595 मंडल है सभी मंडलों में यह कार्यक्रम होगा. उसके बाद पंचायत व गांव में महिलाएं कूच कर कांग्रेस की राजनीतिक पाप का पर्दाफाश करने का काम करेंगी. यह बिल पुण्य का कार्य था, इसमें बाधा डालकर कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी ने घोर पाप किया है. 

साहू ने कहा कि झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो 6 साल में 10000 से ज्यादा दुष्कर्म की घटनाएं घटी है. 3 साल की एक मासूम बच्ची तक को नहीं छोड़ा गया. मेडिकल की छात्रा के साथ जो घटना घटी, वह सर्वविदित है. विष्णुगढ़ मामले में सरकार के इशारे पर प्रशासन ने कैसे मामले को मोड़ने का काम किया यह भी बताने की जरूरत नहीं है. इसमें आरोपी को भाजपा कार्यकर्ता बतलाना सहित कई प्रकार की बात कर पूरे मामले को बदलने की कोशिश की गई. इसलिए इस मामले की सीबीआई जांच पर बीजेपी आज भी अटल है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. राज्य सरकार सच सामने लाना नहीं चाहती इसलिए सीबीआई जांच की अनुशंसा से भाग रही है. पूरे राज्य में विकास का काम ठप्प है, बेटियों की आबरू सुरक्षित नहीं है. आदिवासियों की कथित सरकार में आदिवासियों की स्थिति ही चिंताजनक है. उनको भी ठगने का काम किया गया है.

साहू ने कहा कि झारखंड तो इनसे संभल नहीं रहा है और ये लोग बंगाल और असम में जाकर पूरी झारखंड के पैसे को बहा रहे हैं.

इस दौरान कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव ने कहा कि पक्ष और विपक्ष लोकतंत्र की सुंदरता है लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दौरान विपक्ष ने जिस प्रकार अपनी भूमिका निभाई, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है. कांग्रेस सहित उनके सहयोगी दलों के लिए महिला सशक्तिकरण की बातें सिर्फ नारेबाजी और झूठे वादे तक ही सीमित है. जब निर्णय की बारी आती है तो उनकी संकीर्ण मानसिकता और स्वार्थ उनका दिख जाता है. 

विधायक ने कहा कि ये दल ग्रास रूट से नहीं आए हैं बल्कि इन्हें विरासत में सत्ता मिली है.  कांग्रेस भला नारी शक्ति के मायने क्या जाने ? उनके लिए नारी शक्ति सोनिया गांधी से शुरू होती है और प्रियंका गांधी पर खत्म हो जाती है.

उन्होंने कहा कि यह बिल केवल एनडीए की महिलाओं के लिए नहीं बल्कि देश की तमाम बहनों को अधिकार दिलाने को लेकर था. उन्होंने सभी बहनों से आह्वान किया कि वह चाहे किसी भी दल में हो परंतु अपनी इस राजनीतिक हक से वंचित करने के लिए कांग्रेस सहित विपक्ष को कभी माफ नहीं करें और समय पर उन्हें सबक सिखाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि विधेयक के पास नहीं होने पर विपक्ष द्वारा जश्न मनाना शर्मनाक है. नारी शक्ति का अपमान करके ये लोग जीत का जश्न मनाते हैं. भला नारी शक्ति का अपमान करके कोई जीत पाया है ? 60 साल से महिला आरक्षण और सशक्तिकरण की बातें विपक्ष के मुंह से दिखावा ही रही है. 60 साल में कांग्रेस ने जो काम नहीं किया, 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करके दिखाया है. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का केवल नारा नहीं दिया बल्कि बेटियों और महिलाओं को संरक्षित और सुरक्षित करने का काम उन्होंने धरातल पर करके दिखाया है. सामाजिक, आर्थिक राजनीतिक हर प्रकार से महिलाओं के सम्मान और अधिकार की उन्होंने चिंता की. लोकतंत्र में उन्हें सम्मान और हिस्सेदारी दिलाने के लिए जब विपक्ष से सहयोग मांगा तो विपक्ष ने अपना राजनीतिक चरित्र दिखा दिया वह अक्षम्य है. विडम्बना है कि पीएम का विरोध करते-करते कांग्रेस देश का विरोध करने लगी.

इस दौरान प्रेस वार्ता में विधायक प्रदीप प्रसाद, हजारीबाग जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह, हजारीबाग जिला उपाध्यक्ष रेणुका साहू जी, हजारीबाग जिला की महिला मोर्चा अध्यक्ष मनोरमा राणा, वरिष्ठ नेत्री रत्ना सिन्हा, मंजू नंदिनी, पूनम चौधरी समेत कई महिलाएं मौजूद थी.

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