न्यूज11 भारत
पलामू/डेस्क: पलामू समाहरणालय के ए ब्लॉक स्थित न्यू सभागार में एकदिवसीय प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत जिले की सभी महिला पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को संतान के जन्म से पूर्व एवं पश्चात पर्याप्त आराम सुनिश्चित करने हेतु मजदूरी हानि की आंशिक भरपाई के रूप में नगद प्रोत्साहन उपलब्ध कराना है.
साथ ही, यह योजना महिलाओं में स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देती है तथा दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान कर बालिका के प्रति सकारात्मक सामाजिक व्यवहार को प्रोत्साहित करती है. योजना के अंतर्गत मिशन शक्ति के तहत 18 वर्ष 7 माह से 55 वर्ष तक की सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की गर्भवती महिलाएं एवं धात्री माताएं लक्षित लाभार्थी हैं.
योजना के तहत प्रथम गर्भधारण पर कुल ₹5000 की राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है, जिसमें पहली किस्त ₹3000 प्रथम एएनसी के बाद तथा दूसरी किस्त ₹2000 बच्चे के जन्म के 14 सप्ताह पश्चात दी जाती है. वहीं, दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर ₹6000 की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है.
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नए लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करना, PMMVY डुप्लिकेट मामलों को समाप्त करना, NPCI से अपंजीकृत लाभार्थियों को जोड़कर डीबीटी के माध्यम से लाभ प्रदान करना तथा FRS (फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम) के माध्यम से लाभार्थियों का सत्यापन एवं प्रविष्टि सुनिश्चित करना रहा.
प्रशिक्षण में राज्य स्तर से सुमित कुमार (PMMVY कंसल्टेंट, IP Global) तथा जिला स्तर से श्रीमती एकता नाथ (महिला पर्यवेक्षिका) एवं अनूप कुमार शर्मा (जिला समन्वयक, पोषण अभियान) ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया. कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, पलामू श्रीमती नीता चौहान सहित जिले की सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं. प्रशिक्षण के उपरांत सभी महिला पर्यवेक्षकों को अपने-अपने परियोजना क्षेत्र में आंगनबाड़ी सेविकाओं को भी प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया.
यह भी पढ़ें: पाकुड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नक्सली के नाम पर 50 लाख की लेवी मांगने वाले दो बदमाश गिरफ्तार