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रांची/डेस्क: झारखंड भाजपा द्वारा MMDR अधिनियम के समर्थन में चलाया गया हैशटैग #JharkhandWithMMDR सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूरे देश में नंबर-वन पर ट्रेंड करता दिखा. भाजपा ने इसे व्यापक जनसमर्थन का प्रमाण बतलाया है. भाजपा का कहना है कि झारखंड की खनिज संपदा किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि आम जनता की संपत्ति है. इसका उपयोग पारदर्शिता और जनहित के साथ ही हो. MMDR के समर्थन में मिला डिजिटल समर्थन इसी जनभावना की मजबूत अभिव्यक्ति है.
पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने इस संबंध में कहा है कि सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता हैशटैग सिर्फ एक डिजिटल अभियान का हिस्सा भर नहीं है बल्कि यह झारखंड राज्य की जनता की भावना की अभिव्यक्ति है. नंबर वन ट्रेंड ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जनता गुमराह करने वाले विपक्षी दलों के साथ नहीं बल्कि विकास, पारदर्शिता और जनहित की पक्षधर भाजपा के फैसले के साथ मजबूती से खड़ी है. लोगों की इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विकास और सुशासन के मुद्दे पर जनता सारे तथ्यों को बारीकी से समझ रही है और वह खनिज संसाधनों के पारदर्शी, व्यवस्थित और जनहितकारी उपयोग के पक्ष में है.
अमर कुमार बाउरी ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है. MMDR को “झारखंड विरोधी” बताने से पहले यह देखिए कि यह पूरे देश के लिए राष्ट्रीय कानून है, सिर्फ झारखंड के लिए नहीं. झारखंड का विकास खनिज संपदा को रोककर नहीं, उसका पारदर्शी और बेहतर उपयोग करके होगा. 2014 से 2026 के बीच राज्यों के खनिज राजस्व में करीब 354% की बढ़ोतरी हुई. इसलिए अब भ्रम नहीं, खनन नीति पर चर्चा तथ्य, परिणाम और दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव के आधार पर होनी चाहिए. हर झारखंडी की अपेक्षा है कि यहां की खनिज संपदा का लाभ राज्य के विकास, रोजगार सृजन और जनकल्याण में मिले. जनता को भ्रमित करने की बजाय विपक्षी दलों को यह बताना चाहिए कि खनिज संपदा का पारदर्शी उपयोग कैसे हो, अवैध खनन पर रोक कैसे लगे और राज्य की जनता को इसका अधिकतम लाभ कैसे मिले.
उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के आधार पर जनता के बीच MMDR के प्रावधानों और उसके प्रभाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगी तथा विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का तथ्यात्मक एवं करारा जवाब देगी.