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रांची/डेस्क: दूध समेत अन्य खाद्य पदार्थों में होने वाले मिलावट को लेकर कोर्ट द्वारा लिए गए स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने जेपीएससी सचिव को हाजिर होने का निर्देश दिया. जेपीएससी सचिव को 16 अक्टूबर को कोर्ट में हाजिर होना होगा.
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एनालिस्ट, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए जेपीएससी ने वर्ष 2023 में विज्ञापन निकाला था. परीक्षा आयोजित कर ली गई है. लेकिन शैक्षणिक अर्हता और समकक्ष शैक्षणिक अर्हता के मुद्दे पर एक समिति गठित की गई है. जिसकी रिपोर्ट आने के बाद रिजल्ट जारी किया जाएगा. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतने दिनों तक इन पदों को रिक्त रखने का औचित्य क्या है. रिजल्ट जल्द प्रकाशित की जानी चाहिए थी. बता दें कि साल 2012 में दूध में मिलावट का मामला सामने आया था. जिसपर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है.
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