अम्बर कलश तिवारी/न्यूज11 भारत
धनबाद/डेस्क: बीसीसीएल अपने लीज होल्ड एरिया में ही ओबी (ओवर बर्डन) जमा करे. प्रशिक्षित कर्मियों से भी ब्लास्टिंग कराए. भू - धंसान की घटनाओं को रोकने की व्यवस्था करें. खतरनाक क्षेत्रों में रहनेवालों के पुनर्वास में भी तेजी लाई जाए. उक्त बातें डीसी आदित्य रंजन ने बुधवार को कही. डीसी की अध्यक्षता में बुधवार को कोयला खनन क्षेत्रों में भू-धंसान एवं भूस्खलन की घटनाओं की रोकथाम एवं जन-धन की क्षति रोकने के लिए आज बैठक आयोजित की गई.
डीसी ने कहा कि विभिन्न कोलियरी क्षेत्रों में कोयला खनन के दौरान विगत कुछ समय से भू-धंसान एवं भूस्खलन की ज्यादा घटनाएं हो रही हैं. इसके परिणामस्वरूप जन-धन की क्षति होने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों का जीवन निरंतर असुरक्षित होता जा रहा है. घटना के बाद आपदा प्रबंधन के लिए एनडीआरएफ की तैनाती, राहत एवं बचाव कार्यों का समुचित प्रबंधन, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
डीसी ने कहा कि पसूचनाओं के अनुसार, कई मामलों में प्रबंधन की लापरवाही तथा आउटसोर्सिंग एजेंसियों की उदासीनता भी सामने आयी है. सुरक्षा मानकों का पालन अपेक्षित स्तर पर नहीं किया जाता है. यह स्थिति अत्यंत ही चिंताजनक है और भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटनाओं की आंशका से इंकार नहीं किया जा सकता है.
डीसी ने बीसीसीएल को खनन के दौरान सुरक्षा एवं ब्लास्टिंग के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया. साथ ही डीजीएमएस को विगत 3 महीने में कितने खनन स्थलों का निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन होने पर क्या कार्रवाई की, उसका पूरा विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
डीसी ने प्रशिक्षित कर्मियों से ही ब्लास्टिंग कराने एवं लीज होल्ड एरिया में ओवर बर्डन डंप करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अनधिकृत व्यक्ति द्वारा ब्लास्टिंग करने एवं ब्लास्टिंग नियमों का उल्लंघन होने पर डीजीएमएस माइनिंग रोकने का नोटिस दे.
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सावधानी पूर्वक खनन करने एवं जान माल का नुकसान नहीं हो, यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने झरिया के इंदिरा चौक की भय जनक स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की तथा शीघ्र उचित कदम उठाने के लिए बीसीसीएल को निर्देश दिया.
एसएसपी ने बीसीसीएल, एफसीआईएल, डीवीसी, पूर्व मध्य रेलवे को कंपनी के अतिक्रमण किए गए आवासों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे आवासों को बाहर के अपराधी अपना ठिकाना बना लेते हैं. इससे जिले में विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है.
उन्होंने खतरनाक एवं जर्जर आवासों को शीघ्र तोड़ने तथा खनन क्षेत्र के खतरनाक सड़कों को चिन्हित कर प्रशासन को जानकारी देने का निर्देश दिया.
बैठक में कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कठोर अनुपालन सुनिश्चित करने, प्रभावित क्षेत्रों की समयोचित पहचान, जोखिम आकलन एवं वैकल्पिक प्रबंधन उपाय लागू करने, बीसीसीएल एवं खान सुरक्षा महानिदेशालय अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए नियमित समीक्षा एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने, आउटसोर्सिंग एजेंसियों को भी सुरक्षा नियमों के प्रति उत्तरदायी बनाते हुए उनकी जवाबदेही तय करने सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा के साथ सुझाव प्राप्त कर विचारों का आदान - प्रदान किया गया.
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार, बीसीसीएल व ईसीएल के निदेशक (तकनीकी) नीलाद्री राय, सीआईएसएफ के कमांडेंट आशुतोष चौधरी व तपन कुमार पोद्दार, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी संजय कुमार झा, डीएमओ रितेश राज तिग्गा के अलावा विभिन्न अंचलों के अंचल अधिकारी, बीसीसीएल के एरिया मैनेजर, टाटा व सेल के प्रतिनिधि सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
यह भी पढ़ें: धनबाद: जज पर टिप्पणी मामले में झरिया की पूर्व विधायक के खिलाफ बयान