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रांची/डेस्क: झारखंड हाई कोर्ट के फैसले केबाद जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रास्ता साफ हो गया है. उम्र सीमा छूट की अपील याचिका को झारखंड हाई कोर्ट ने की खारिज कर दिया. इसके साथ जेपीएससी सिविल परीक्षा को लेकर आई अड़चन दूर हो गयीहै. हाई कोर्ट की एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए यह आदेश दिया है.
बता दें कि जेपीएससी सिविल परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा 1 अगस्त 2018 करने की मांग को लेकर एक याचिका हाई कोर्ट में दायर की गयी थी. लेकिन हाई कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी है.
बता दें कि जेपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा 19 अप्रैल को होनी है. झारखंड हाई कोर्ट ने अधिकतम उम्र सीमा 1 अगस्त 2018 करने के प्रार्थियों के आग्रह को नहीं मानते हुए उनकी अपील (LPA ) खारिज कर दी. नीरज कुमार पांडे, रंजीत कुमार, नीलम कुमारी एवं अन्य ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी.
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने बताया कि सरकार का निर्णय सही है. सरकार ने पहले ही उम्र सीमा में 4 साल की छूट देकर 1 अगस्त 2022 कर दिया है. अब यह छूट और कम नहीं की जा सकती है. जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल एवं अधिवक्ता राकेश रंजन ने पक्ष रखा. वहीं सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा.
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति आनंदा सेन की कोर्ट ने प्रार्थियों की रिट याचिका खारिज कर दी थी जिसे अपील दाखिल कर हाईकोर्ट की पीठ में चुनौती दी गयी थी. प्रार्थियों का कहना था कि साल 2021 के सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा का कट ऑफ डेट 1 अगस्त 2016 रखा गया था जबकि सिविल सेवा परीक्षा 2024 में अधिकतम उम्र सीमा का कट ऑफ डेट 1 अगस्त 2017 रखा गया था. इसलिए वर्तमान जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 की उम्र सीमा 1 अगस्त 2018 की जाए। सरकार ने एक नोटिफिकेशन निकाल कर इस सिविल सिविल सेवा परीक्षा के लिए निर्धारित की गई उम्र सीमा 1 अगस्त 2026 को घटाकर 1 अगस्त 2022 कर दिया है।
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