मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: एनके और पिपरवार क्षेत्र में रोड सेल के तहत कोयला उठाव और कांटाघर का काम बीते गुरुवार को टीएसपीसी द्वारा की गई गोलीबारी की घटना के बाद से ठप पड़ गया है. मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र के मुडा धौड़ा और पिपरवार में कांटाघर के समीप हुई फायरिंग के बाद कोयला कारोबारियों के बीच भय का माहौल कायम है. घटना के बाद से क्षेत्र में रोड सेल के कोयले का उठाव पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे कारोबार पर व्यापक असर पड़ा है.
स्थानीय कोयला व्यवसायियों का कहना है कि वे दोहरी मार झेल रहे हैं. एक ओर उग्रवादी संगठनों का खतरा बना रहता है, तो दूसरी ओर जान का जोखिम भी लगातार बना हुआ है. ऐसे हालात में कोयला कारोबार करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. लगातार हो रही घटनाओं को लेकर कारोबारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पिछले तीन-चार वर्षों से प्रतिबंधित संगठनों के सदस्य क्षेत्र में सक्रिय हैं और अवैध वसूली कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिल पाई है.
मामले को लेकर खलारी डीएसपी रामनारायण चौधरी ने कहा कि क्षेत्र में अधिकांश कांटाघर चालू हैं और लोगों को अफवाहों से बचने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. वहीं, सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार ने बताया कि एनके में सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फायरिंग की घटनाओं के बाद डीओ होल्डर, लिफ्टर और व्यवसायियों के बीच भय का माहौल है, जिससे कोयला उठाव और कांटा कराने में कमी आई है.
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