राजन पाण्डेय/न्यूज़11 भारत
चैनपुर/डेस्क: चैनपुर प्रखंड कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मियों की अनुपस्थिति ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में एक बड़ी बाधा बनती जा रही है. ताज़ा मामला गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड का है, जहाँ प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी के कारण दूर-दराज के गांवों से आने वाले ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.ग्राम पंचायत बेंदोरा के मुखिया सुशील दीपक मिंज ने ब्लॉक कार्यालय की लचर व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बड़ी उम्मीदों के साथ अपने ज़रूरी सरकारी कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय पहुँचते हैं. लेकिन जब ब्लॉक में प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी ही मौजूद नहीं रहते, तो ऐसी स्थिति में बाकी के ब्लॉक कर्मी भी कार्यालय से पूरी तरह नदारद हो जाते हैं.
बेंदोरा पंचयत मुखिया सुशील दीपक मिंज ने कहा कि "लोग अपने बच्चों के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ बनवाने के लिए दूर-दूर से आते हैं. लेकिन कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण उनका काम बाधित हो जाता है और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है." मुखिया सुशील दीपक मिंज ने यह भी सवाल उठाया कि प्रशासन द्वारा अधिकारियों के रहने के लिए नए क्वार्टर की व्यवस्था की गई है. इसके बावजूद अधिकारी यहाँ रहने के बजाय अक्सर बाहर ही रहते हैं या कार्यालय से गायब रहते हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से यह मांग की है कि प्रखंड के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति नियमित की जाए. अगर अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय और कार्यालय में सही रूप से मौजूद रहेंगे, तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन होगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा.