आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: आदिवासी बहुल जिला सिमडेगा के किसान खेती के नई तकनीक अपना कर जिले के कृषि उत्पाद को नया आयाम देने में जुटे हैं. सिमडेगा जिला जो सिर्फ पारंपरिक खेती से जुड़े थे. अब यहां के किसान कृषि की नई तकनीक अपना कर पारंपरिक फसल के साथ फल, फूल और सब्जी की खेती कर जिला के कृषि उत्पाद को नई उड़ान देने की तैयारियों में जुटे हैं. सिमडेगा कृषि विभाग के द्वारा सिमडेगा के किसानों खेती के नई तकनीक के साथ कम समय और कम लागत से अधिक मुनाफे वाली फसलों के साथ कम पानी में टपक सिंचाई से पटवन आदि की तकनीक सिखाई गई. इसके साथ कृषि विभाग के तकनीकी एक्सपर्टों की सहायता से सिमडेगा के अरुण डुंगडुंग सहित कई किसान आज स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च आदि फसलों के साथ फूलों के खेती भी कर रहे हैं. नई तकनीक से कम समय में अधिक मुनाफे वाली फसलों की लहलहाती खेती ने किसानों के चेहरे पर खुशियां ला दी है.
सिमडेगा कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो की इस पहल पर प्रतिक्रिया
सिमडेगा कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो ने बताया कि अभी कुछ किसानों के द्वारा नई तकनीक से फल, फूल और सब्जी की खेती की जा रही है. जल्द जिले के अन्य किसान भी नई तकनीक अपना कर फल, फूल और सब्जियों की खेती कर सिमडेगा को सब्जी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाते हुए जिले को फूलों की खेती से भी एक अलग पहचान देंगे.
सिमडेगा के कृषि उत्पादन को नया आयाम देने में कृषि विभाग के प्रयास और जिले के किसानों की मेहनत आने वाले समय में निश्चित रूप से सिमडेगा को एक नई पहचान देगी.
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