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बगोदर/डेस्क: सहायक अध्यापक महासंघ की बैठक सोमवार को बीआरसी बगोदर परिसर में आयोजित की गई. बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नारायण महतो शामिल हुए. बैठक में राज्य सरकार पर चुनावी वादों से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए सहायक अध्यापकों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया और मांगें पूरी नहीं होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी.
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष नारायण महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सरकार गठन के समय सहायक अध्यापकों को वेतनमान के समतुल्य मानदेय, अनुकंपा का लाभ, कल्याण कोष गठन तथा मानदेय वृद्धि का वादा किया था, लेकिन अब सरकार अपने वादों से मुकरती दिख रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 60 हजार सहायक अध्यापकों में इसे लेकर भारी नाराजगी है और यह आक्रोश कभी भी सड़कों पर दिखाई दे सकता है.
उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती है तो सहायक अध्यापक राज्यव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
बैठक में सहायक अध्यापकों ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत भी किया. महासंघ के नेताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सहायक शिक्षक और सहायक आचार्य के 50 प्रतिशत पदों पर पारा शिक्षकों के समायोजन का निर्देश दिया है. साथ ही रिक्तियों की पहचान, विज्ञापन जारी करने, मेधा सूची तैयार करने और नियुक्ति पत्र वितरण की समय-सीमा भी तय की गई है.
बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस. वी. एन. भट्टी की पीठ ने झारखंड प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती नियमावली 2012 तथा झारखंड प्राथमिक विद्यालय सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली 2022 के तहत उपलब्ध आरक्षित रिक्तियों के 50 प्रतिशत पदों पर पारा शिक्षकों के समायोजन का निर्देश दिया है. कोर्ट ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए चार सप्ताह के भीतर रिक्तियों का निर्धारण और विज्ञापन जारी होने के दस सप्ताह के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश भी दिया है.
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य में प्राथमिक कक्षाओं के लिए 83,595 तथा उच्च प्राथमिक के लिए 37,133 पद अभी भी रिक्त हैं.
बैठक की अध्यक्षता सुधीर प्रसाद ने की. मौके पर दिनेश पासवान, केदार महतो, कालेश्वर प्रसाद ठाकुर, कैलाशपति मिश्रा, हेमंत कुमार, विजय कुमार, रामचंद्र मंडल, दामोदर प्रसाद मंडल, बालेश्वर प्रसाद, हिना परवीन, हेमंती कुमारी, आनंद कुमार सिंह, ओम प्रकाश सिंह, मसूद खान, उपेंद्र प्रसाद, अरुण कुमार, राजेश प्रसाद, सैयद बिन्यामिन, मो. हसीमुद्दीन अंसारी, महेश महतो, परमेश्वर महतो, कौशल प्रसाद, दयानंद सिंह समेत सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे.
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