न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड समेत देश के अन्य राज्यों से पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल किया है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में राज्यों से यह सवाल किया है. मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता में तीन जजों की पीठ ने झारखंड समेत अन्य राज्यों में नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर निर्देश दिया कि झारखंड मामले की सभी फाइलें और दस्तावेज वरिष्ठ अधिवक्ता एवं न्याय मित्र राजू रामचंद्रन को मुहैया कराए जाएं ताकि वे इस पर अध्ययन कर अदालत में नोट पेश कर सकें. अन्य राज्यों का मामला कर्नाटक और गुजरात से जुड़ा हुआ है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 तय की है.
झारखंड में कार्यवाहक व्यवस्था या नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर पहले भी सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल हुई हैं. लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि न्याय मित्र से नोट मांगे जाने के बाद वह आगे की कार्रवाई करेगा. इसलिए 2 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर झारखंड समेत दूसरे राज्यों की भी निगाहें टिकी हुई हैं.
गौरतलब है कि वर्ष 2006 के प्रकाश सिंह फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट नियम तय किया था कि किसी भी राज्य में कार्यवाहक DGP की नियुक्ति के बजाय संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा तैयार तीन वरिष्ठतम अधिकारियों के पैनल में से ही नियमित DGP का चयन अनिवार्य होगा. चयन के बाद अधिकारी का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्षों का होना चाहिए.
यह भी पढ़ें: डुमरी विधायक जयराम महतो व उनके समर्थकों पर ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मियों से हाथापाई, जान से मारने की धमकी का आरोप