श्रीकांत/न्यूज11 भारत
गिरिडीह/डेस्क: दुर्गापूजा के मद्देनजर विधि व्यवस्था के संधारण और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव एवं पुलिस अधीक्षक, डॉ बिमल कुमार की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. उपायुक्त रामनिवास यादव ने संबंधित पदाधिकारियों को पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, सड़क, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उपायुक्त ने कहा कि दुर्गापूजा एवं दशहरा आस्था एवं श्रद्धा का पर्व है. सभी समुदायों के लोग आपसी भाईचारा, शांति एवं सौहार्द के साथ पर्व मनाएं. प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराना है. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी संभावित समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बैठक के दौरान उपायुक्त, रामनिवास यादव ने कहा कि दुर्गा पूजा को लेकर माननीय उच्च न्यायालय और राज्य सरकार द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में विधि व्यवस्था संधारण हेतु आज की बैठक आयोजित की गई है. उपायुक्त ने सभी पदाधिकारी को निर्देशित किया कि सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया जाए. पंडालों में समुचित लाइट की व्यवस्था, एंट्री और एग्जिट के लिए समुचित रास्ते, पंडाल के समीप वाहन पार्किंग ना हो, इसका भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाए. उपायुक्त ने पूजा समितियों एवं स्थानीय प्रशासन को पूजा पंडालों के आसपास साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, विद्युत, हाई मास्ट लाइट एवं स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया. जर्जर विद्युत तार, विद्युत पोल एवं अन्य तकनीकी समस्याओं को समय रहते दूर कराने को कहा गया.
उन्होंने निर्देश दिया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं मुखिया के साथ समन्वय स्थापित कर साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत एवं अन्य स्थानीय समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाए. पूजा पंडालों एवं मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था रखने को कहा गया.उपायुक्त ने सभी पूजा पंडालों में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके. पंडालों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए रास्ता सुगम रखने को कहा गया. पंडालों में बिजली के तार, शॉर्ट-सर्किट की संभावना, ज्वलनशील पदार्थ, लाइट एवं अन्य अग्नि स्रोतों के आसपास विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया. पूजा समितियों को आवश्यक सुरक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र एवं मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया.
उपायुक्त ने उत्पाद अधीक्षक को नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने तथा शराब के अवैध कारोबार एवं सेवन पर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. पर्व के दौरान शराब का सेवन कर सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव करने वालों पर कड़ी निगरानी एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया. साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रतिबंधित होने के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया.
पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने को देखते हुए उपायुक्त ने फूड सेफ्टी ऑफिसर को नियमित खाद्य जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया. चाट, पुचका, छोला, पनीर, चाउमीन, मोमो एवं अन्य फास्ट फूड की गुणवत्ता की जांच करने को कहा गया. विशेष रूप से कृत्रिम/मिलावटी पनीर एवं अन्य खाद्य सामग्रियों की जांच कर गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आमजनों के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो.
उपायुक्त ने दुर्गापूजा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को पूर्व से आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया. तालाबों एवं विसर्जन स्थलों की साफ-सफाई, पहुंच मार्ग, प्रकाश, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने को कहा गया. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विसर्जन के दौरान भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था को लेकर समुचित कार्ययोजना तैयार रखें
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को एक यूनिट की तरह समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान हो तथा पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम लोगों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जाए.
किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से QRC (Quick Response Team) के गठन का निर्देश दिया गया. टीम को आवश्यक संसाधनों के साथ सक्रिय रखने तथा आपात स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.
पुलिस अधीक्षक, डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि दुर्गापूजा एवं दशहरा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा. उन्होंने पूजा समितियों को पूजा पंडालों में CCTV कैमरों की स्थापना एवं लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार की व्यवस्था की जाए. जिन पूजा पंडालों में पूर्व में चोरी, छिनतई अथवा अन्य आपराधिक घटनाओं की समस्या रही है, वहां विशेष निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए. पुलिस अधीक्षक ने पूजा पंडालों में पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर्स, महिला वॉलंटियर्स एवं पुलिस मित्रों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने की बात कही. वॉलंटियर्स को पहचान-पत्र एवं निर्धारित ड्रेस कोड के साथ जिम्मेदारी देने तथा उनकी सूची स्थानीय पुलिस को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि पंडालों में अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था रखी जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आम लोगों तक महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल पहुंचाई जा सकें.
पुलिस अधीक्षक ने पर्व के दौरान सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के भड़काऊ, आपत्तिजनक, अफवाह फैलाने वाले अथवा सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले पोस्ट एवं वीडियो के प्रसार पर नजर रखी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने पूजा समितियों को भड़काऊ एवं आपत्तिजनक गानों से परहेज करने तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संयमित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सभी धर्मों एवं समुदायों के लोग आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मनाएं तथा एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें.
पुलिस अधीक्षक ने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए पूजा समितियों एवं वॉलंटियर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहें. किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अफवाह अथवा अप्रिय स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस को दें. उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, पूजा समिति, शांति समिति, जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिकों के सामूहिक सहयोग से ही पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफल बनाया जा सकता है.
बैठक में अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त, सहायक समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, गिरिडीह जिला, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, गिरिडीह जिला, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी थाना प्रभारी, गिरिडीह जिला, प्रभारी पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, सभी कार्यपालक अभियंता सहित शांति समिति के सदस्य और समाज के गणमान्य नागरिक के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित कर्मी थे
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