राहुल कुमार/न्यूज11भारत
चंदवा/डेस्क: हिंडाल्को चकला कोल माइंस परियोजना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित कांसी घास एवं बाँस शिल्प का 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. इस प्रशिक्षण में अरंडिया टांड़, चकला, अंबाटांड़, नवाटोली और पड़वा हरैया गांवों की कुल 50 महिलाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को पारंपरिक हस्तशिल्प कौशल से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना था.
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध घास और बाँस से पर्यावरण-अनुकूल हस्तनिर्मित उत्पाद बनाने की आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई. महिलाओं ने प्रशिक्षण के दौरान आकर्षक और उपयोगी शिल्प उत्पाद तैयार करना भी सीखा.
इस पहल के माध्यम से महिलाएं अब अपनी पारंपरिक कला को आजीविका के स्थायी साधन में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
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