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रांची/डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील 'मेरा भारत, मेरा योगदान' के बाद दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों की दिशा में कई बड़े फैसले लिए हैं. इन फैसलों का उद्देश्य सरकारी खर्च में कटौती, ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना बताया जा रहा हैं.
हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने का फैसला
दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि अब सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की अनुमति दी जाएगी. इससे दफ्तर आने-जाने में लगने वाला ईंधन बचेगा और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा.
सरकारी वाहनों के उपयोग पर सख्ती
सरकारी गाड़ियों के उपयोग को सीमित करने का फैसला लिया गया हैं. अब केवल आवश्यक कार्यों में ही सरकारी वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा. मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों के काफिले में भी कटौती की गई है, जिससे ईंधन खपत और प्रदूषण में कमी लाई जा सके.
6 महीने तक नई सरकारी गाड़ियों की खरीद पर रोक
सरकार ने अगले 6 महीनों तक नई सरकारी गाड़ियों की खरीद पर पूर्ण रोक लगाने का निर्णय लिया हैं. इस कदम से सरकारी बजट की बचत होगी, जिसे शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाएगा.
कर्मचारियों के लिए 58 विशेष बसों की व्यवस्था
सरकारी कर्मचारियों की सुविधा के लिए 29 सरकारी कॉलोनियों से दफ्तरों तक चलने वाली 58 विशेष बसों की व्यवस्था की जाएगी. इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और यातायात दबाव घटेगा.
50% मीटिंगें ऑनलाइन होंगी
प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल माध्यम को बढ़ावा देते हुए अब लगभग 50 प्रतिशत सरकारी बैठकों को ऑनलाइन किया जाएगा. इससे समय, संसाधन और ऊर्जा की बचत होगी, साथ ही कार्यालयों का बिजली खर्च भी कम होगा.
मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर 1 साल का प्रतिबंध
सरकारी खर्च को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर एक साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया हैं. इससे सरकारी खजाने पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम होगा.
सरकार का कहना है कि इन सभी कदमों का मुख्य उद्देश्य खर्च में कटौती करना और पर्यावरण की रक्षा करना हैं. कम वाहनों के चलने से प्रदूषण घटेगा और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद हैं.
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