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रांची/डेस्कः- भारत में अब प्यार सिर्फ फिल्मों या डेटिंग एप पर ही नहीं रहा, अब ये इससे इतर ऑफिस तक अपना पांव पसार चुका है. एक इंटरनेशनल स्टडी में खुलासा हुआ है कि ऑफिस रोमांस में इंडिया पूरी दुनिया में दूसरे स्थान पर है. मीटिंग रुम से लेकर चाय ब्रेक तक ऑफिस ही एक नया डेटिंग जोन बना हुआ है. मालूम हो कि ऑफिस में ही ज्यादातर लोग अपना समय बिताते हैं, ऐसे में किसी के साथ रोज बाते करना हंसना किसी प्रोजेक्ट पर काम करना ऐसे में कई बार ऑफिस में कर्मचारी एक-दूसरे को अपना दिल दे बैठते हैं.
डेटिंग जोन बन गया ऑफिस
कभी चाय ब्रेक पर मुस्कुराना तो कभी मीटिंग के बाद छोटी सी बात पर छोटे छोटे पलों को एक दूसरे तक साझा करना ऐसे में मोहब्बत अपने आप में जन्म लेने लगती है. मजेदार बात ये है कि इस लिस्ट में भारत का स्थान चौंकाने वाला है, रैंकिंग की अगर बात की जाए तो मैक्सिको नंबर वन पर है, अमेरिका ब्रिटेन कनाडा जैसे देशों को पीछे छेड़ते हुए सीधा दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. ऐसे मे कहा जाने लगा है कि ऑफिस सिर्फ काम की जगह नहीं बल्कि डेटिंग जोन बन गया है. यहां दिल व डेडलाईन दोनों साथ साथ चल रहे हैं.
पुरुष ज्यादा करते हैं ऑफिस में रोमांस
एक सर्वे में ये भी सामने आया है कि पुरुषों के सहकर्मी को डेट करने की संभावना ज्यादा होती है. लगभग 51 प्रतिशत पुरुषों ने कहा कि उन्होने ऐसा किया है, वहीं महिलाओं में ये आंकड़ा 36 प्रतिशत है. ज्यादातर महिलाएं अपने प्रोफेशनल इमेज व करियर को लेकर अलर्ट रहती है. वहीं पुरुष पर्सनल रिस्तों में हो रहे उलझन को लेकर ज्यादा परेशान दिखते हैं.
कई लोग डर के कारण रहते हैं दूर
हर कोई ऑफिस रोमांस के लिए तैयार नहीं होता, लगभग 29 फीसदी महिलाएं मानती है कि ऐसा रिस्ता उनके करियर को नुकसान पहुंचा सकता है. वहीं 27 प्रतिशत पुरुषों को भी यही लगता है. 30 फीसदी पूरूषों को इस बात का डर है कि अगर रिस्ता बिगड़ा फिर माहौल असहज हो जाएगा. 26 प्रतिशत महिलाओं ने इसी वजह से ऑफिस में रिस्ते बनाने से परहेज किया है.
सबसे ज्यादा सतर्क हैं यंग प्रोफेशनल्स
सर्वे में पीढ़ियों के बीच सोच का अंतर भी देखा गया. 18 से 24 साल के यंग प्रोफेशनल्स ऑफिस रोमांस को लेकर सबसे ज्यादा अलर्ट रहते हैं. 34 प्रतिशत युवा का कहना है कि उन्हे डर है कि कहीं भविष्य में करियर पर इसका असर न पड़ने लग जाए.
रिश्तों की सोच में बदलाव
भारत की ये रैंकिग दर्शाने लगी है कि अब लोग रिस्तों के नए रुप को ज्यादा स्वीकारने लगे हैं. वहीं एक और सर्वे में जो कि ग्लीडेन (Gleeden) नामक रिलेशनशिप के द्वारा किया गया. इसमें बताया गया है कि 35 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि वे इस वक्त ओपन रिलेशनसीप में है वहीं 41 प्रतिशत ने कहा कि अगर उनका पार्टनर चाहे तो वे इस बारे में सोचेंगे. ये चलन न सिर्फ बड़े शहरों में है बल्कि छोटे शहरों में भी तेजी से बढ़ रही है. कांचीपुरम में लोग एक्स्ट्रा-मैरिटल रिलेशनशिप में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं.
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