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रांची/डेस्क: देशभर में LPG गैस संकट के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर नया आदेश जारी किया हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, वे अब एक साथ घरेलू LPG कनेक्शन नहीं रख सकेंगे. इसका मतलब है कि ऐसे उपभोक्ताओं को अपना LPG सिलेंडर कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा, अन्यथा उन्हें सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी जाएगी.
सरकार के अनुसार, PNG और LPG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने से गैस की आपूर्ति में असमानता और दुर्व्यवहार की समस्या उत्पन्न होती थी. कई जगहों पर लोग गैस का अनावश्यक दोहरा उपयोग कर रहे थे. इस कदम का उद्देश्य घरेलू गैस की आपूर्ति को संगठित और पारदर्शी बनाना हैं. मंत्रालय ने कहा कि उपभोक्ताओं को अब केवल एक ही स्रोत से गैस प्राप्त होगी, जिससे बचत और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा.
मिडिल ईस्ट तनाव और आपूर्ति संकट
मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया हैं. इसका सीधा असर भारत में LPG और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर पड़ा हैं. देश भारी मात्रा में LPG आयात करता है, जिसके कारण स्टॉक तेजी से घट रहा हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही है जबकि कई रेस्टोरेंट गैस की कमी के कारण बंद हो गए हैं. हालांकि, PNG और CNG की आपूर्ति अभी स्थिर है, लेकिन उनका भी संकटग्रस्त होना संभावना में हैं.
सरकार की राहत और आश्वासन
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जनता को आश्वासन दिया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही हैं. मंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री के 70-80 फीसदी हिस्से को गैस मिल रही है और आयात के स्रोतों को वैकल्पिक देशों की ओर शिफ्ट किया गया हैं. सरकार ने PDS के तहत केरोसिन की आपूर्ति बढ़ा दी है ताकि ग्रामीण और बीपीएल परिवारों की जरूरतें पूरी की जा सकें.

संकट से निपटने के छह बड़े कदम
सरकार ने आपूर्ति संकट से निपटने के लिए छह अहम कदम उठाए है:
- रिफाइनरियों से LPG उत्पादन बढ़ाना
- बुकिंग और सप्लाई सिस्टम को और बेहतर बनाना
- जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाना
- नया 'प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026' लागू करना
- LNG के लिए अल्जीरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास
- तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग पैनल गठित करना जो आपूर्ति और स्टॉक पर कड़ी नजर रखेगा
- घरेलू और कमर्शियल सेक्टर में असर
- घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है
कमर्शियल सेक्टर में गैस की कमी के कारण रेस्टोरेंट संचालन में 20-30% गिरावट दर्ज की गई हैं. LPG के विकल्प के रूप में ग्रामीण और बीपीएल परिवारों को PDS के तहत केरोसिन बढ़ाकर उपलब्ध कराया जा रहा हैं. स्थानीय स्तर पर कोयला और बायोमास का उपयोग बढ़ाने की सलाह दी गई हैं. कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी और छापेमारी तेज कर दी गई हैं.
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