न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: पीरियड्स का नियमित होना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. यह न केवल फर्टिलिटी से जुड़ा होता है, बल्कि ओवरऑल हेल्थ का भी संकेत देता हैं. आजकल की तेज-तर्रार लाइफस्टाइल, तनाव और पोषण की कमी के कारण कई महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता या कम ब्लीडिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं.
अनियमित पीरियड्स की वजह
महिलाओं में पीरियड्स का लेट होना अक्सर हार्मोनल इंबैलेंस जैसे PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), ज्यादा स्ट्रेस, नींद की कमी और न्यूट्रिएंट्स की कमी की वजह से होता हैं. सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, कुछ नेचुरल रेमेडीज अपनाकर इस समस्या से आराम पाया जा सकता हैं.
अनियमित पीरियड्स के लिए आसान घरेलू नुस्खा
सामग्री: 1 चम्मच मेथी दाना, आधा चम्मच अजवाइन और 8-10 पार्सले स्प्रिंग्स
तरीका: इन सभी चीजों को 200 मिलीलीटर पानी में उबालकर छान लें. इसे रात में सोने से पहले पीना हैं. याद रखें हमेशा पीरियड्स से 7 दिन पहले इसे शुरू करें. कम से कम 2-3 पीरियड साइकिल तक नियमित उपयोग करें. इस नुस्खे से हार्मोन संतुलित रहते है और पीरियड्स समय पर आने में मदद मिलती हैं.
कम ब्लीडिंग की समस्या के लिए रेमेडीज
रेमेडी 1: किशमिश और गुड़
तरीका: रातभर 8-10 किशमिश को पानी में भिगो दें. सुबह इसे छोटे गुड़ के टुकड़े के साथ खाएं. इससे शरीर में आयरन बढ़ता है और खून बनाने में मदद मिलती हैं.
रेमेडी 2: मेथी और अजवाइन
तरीका: 1 छोटा चम्मच मेथी दाना + 1/4 छोटा चम्मच अजवाइन को 100 मिलीलीटर पानी में उबालकर गुनगुना पिएं. इसे पीरियड्स से 6-7 दिन पहले शुरू करें और पीरियड्स के बाद बंद कर दें. इस 2-3 महीने तक नियमित करें. यदि इन घरेलू नुस्खों से भी आराम न मिले या लंबे समय से अनियमितता बनी हुई हो, तो तुरंत गायनोलॉजिस्ट से मिलें.
लाइफस्टाइल सुधारें:
- समय पर सोएं, 7-8 घंटे की नींद लें
- स्ट्रेस कम करें
- हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें
- पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाएं और जंक फूड से दूरी बनाएं
पीरियड्स की अनियमितता या कम ब्लीडिंग महिलाओं के लिए चिंता का कारण हो सकती है, लेकिन सही घरेलू नुस्खों और हेल्दी लाइफस्टाइल के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता हैं. नियमित जांच और संतुलित दिनचर्या से महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ मजबूत रहती हैं.
यह भी पढ़े: ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लगाया 10% वैश्विक टैरिफ, व्यापार नीति में बड़ा बदलाव