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नई दिल्ली/डेस्क: संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान शुक्रवार को महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर हुई मतदान प्रक्रिया में बिल आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका. इसके साथ ही देश की लगभग 50 प्रतिशत महिला आबादी की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मतदान के परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. इससे पहले पहले चरण की वोटिंग में कुल 489 मत डाले गए थे, जिनमें 278 पक्ष में और 211 विरोध में थे.
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधेयक को पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, जो इसे प्राप्त नहीं हो सका. परिणामस्वरूप यह प्रस्ताव विचार के स्तर पर ही अस्वीकृत हो गया और आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ाई जा सकती. इस घटनाक्रम के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने घोषणा की कि इस सत्र में प्रस्तावित अन्य दो विधेयकों को भी आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.
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