न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: सोमवार की सुबह ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के महादेवनगर में आठ प्रवासी मजदूरों पर भीड़ ने हमला कर दिया. मजदूरों को कथित तौर पर 'बंगलादेशी मवेशी चोर' कहकर पीटा गया. आरोप है कि इस दौरान पुलिस मौजूद होने के बावजूद कोई कार्यवाई नहीं हुई. बुधवार को घायल मजदूरों में से अब्दुल अलीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के भागबांगोला के काशीपुर गांव लौट आए. उनकी पसली टूट गई और साथ ही पैरों में गंभीर चोटें आई हैं. बाकि के सात मजदूरों अभी भी AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती हैं.
बंगलादेशी कहां हैं
अलीम ने जानकारी दिया कि 24 अगस्त रविवार को वे भुवनेश्वर निर्माण कार्य के लिए गए थे. रात के लगभग 11 बजे जब सभी लोग सो गए तब 15-20 लोग कैंप में घुस गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे "बंगलादेशी कहां हैं"? इसके बाद भी उन्होंने मजदूरों पर बोतल, डंडे और लकड़ी के लट्ठो से हमला किया.
आधार, पैन और मोबाइल भी छीन लिए
अलीम ने बताया कि, "हमारा आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल और बटुआ सब छीन लिया गया. खून से लथपथ हालत में मैं किसी तरह जंगल के रस्ते भाग निकला. मेरी मदद एक ऑटो ड्राईवर ने कि और भाई को फोन करवाया. इसके बाद ठेकेदार और रिश्तेदार ने मुझे अस्पताल में भारती कराया."
मजदूरों की हालत उनसे कहीं ज्यादा गंभीर हैं
शनिवार को अलीम मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल से छुट्टी पाकर घर पहुंचे. उनकी पत्नी रूपसाना बीबी ने बताया कि अब वह कभी पति को राज्य से बाहर काम करने नहीं देंगी. अलीम के मुताबिक, अन्य सात मजदूरों की हालत उनसे कहीं ज्यादा गंभीर हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें खाली कागज पर हस्ताक्षर करने को मजबूर किया. हमले का शिकार हुए मजदूरों में से तीन लालगोला, एक रणीतला और तीन फरक्का से हैं.
यह भी पढ़े: झारखंड में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का समागम 2025 शुरू, दिग्गज खिलाड़ियों और नेताओं की रही मौजूदगी