न्यूज़11 भारत
हजारीबाग/डेस्क: हजारीबाग में ACB ने जमीन घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है. मामले में छापेमारी कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एसीबी की स्पेशल टीम ने छापेमारी कर तीन जमीन विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में विशेश्वर प्रजापति, शंकर प्रजापति और रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद शामिल हैं. तीनो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. आरोपियों पर सरकारी और गैरमजरूआ खास जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का आरोप लगा है. साथ ही फर्जी तरीके से जमीन हासिल करने और दाखिल-खारिज कराने भी आरोप लगाया गया है.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25, दिनांक 25 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया था. मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(d) के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत दर्ज है. मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक समेत स्थानीय भू-माफियाओं पर वन भूमि, सरकारी जमीन और गैरमजरुआ खास किस्म की जंगल भूमि को कथित रूप से अवैध तरीके से हासिल करने, बेचने तथा गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने के आरोप हैं.
मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में पहले भी तत्कालीन अंचलाधिकारी समेत अन्य सरकारी पदाधिकारी, भू-माफिया, क्रेता और विक्रेताओं को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. ब्यूरो की ओर से की गई कार्रवाई में विश्वेश्वर प्रजापति , शंकर प्रजापति महावीर प्रजापति और रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है. तीनों हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत टोला मुकुंदगंज के निवासी बताए गए हैं. ACB की इस कार्रवाई के बाद जमीन के फर्जीवाड़े और सरकारी भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है.
इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर: बिंदल मॉल में फायरिंग करने वाले शूटर्स का हाफ एनकाउंटर, देर रात मरीन ड्राइव के पास हुई मुठभेड़