न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
भागलपुर - बिहार में शराबबंदी के बीच भागलपुर से तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। यहां शराब तस्कर अब पुलिस, प्रेस और प्रशासन के फर्जी बोर्ड और लोगो का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि जांच एजेंसियों को चकमा देकर आसानी से अवैध शराब एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाई जा सके।
हाइलाइट्स:
- फर्जी पुलिस-प्रेस बोर्ड लगाकर हो रही शराब तस्करी
- नाथनगर में स्कॉर्पियो पकड़े जाने के बाद खुला मामला
- मुख्य आरोपी अभी फरार, पुलिस कर रही छापेमारी
- 2022 में भी सामने आया था ऐसा ही मामला
- ट्रक से 20 लाख की अवैध शराब बरामद
फर्जी पहचान का सहारा लेकर तस्करी
नाथनगर इलाके में मद्य निषेध विभाग की कार्रवाई के दौरान एक स्कॉर्पियो वाहन को पकड़ा गया, जिससे इस पूरे खेल का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि तस्कर वाहनों पर सरकारी विभागों के नाम और लोगो लगाकर चलते हैं, जिससे रास्ते में किसी को शक नहीं होता। कई मामलों में किराये की गाड़ियों का इस्तेमाल कर उन पर फर्जी बोर्ड लगाकर तस्करी की जाती है।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है, लेकिन इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। जांच एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं और मुख्य आरोपी समेत पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की तस्करी का तरीका सामने आया हो। साल 2022 में भी एक स्कॉर्पियो पर जिला प्रशासन का फर्जी बोर्ड लगाकर दो लोगों को पकड़ा गया था। हालांकि, उस समय मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया और आरोपियों को छोड़ दिया गया था।
पुआल में छिपाकर लाई जा रही थी शराब
हाल ही में पुलिस ने एक ट्रक से करीब 20 लाख रुपये की अवैध शराब बरामद की है। तस्करों ने शराब को पुआल के अंदर छिपा रखा था, ताकि किसी को भनक न लगे। इस दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा है कि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जो लोग फर्जी तरीके से सरकारी पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस गिरोह की हर कड़ी को जोड़कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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