अमन/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: बिहार के नवादा रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत आधुनिकीकरण के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. विशेष रूप से, स्टेशन पर शौचालयों की कमी के कारण बाहर से परीक्षा देने आए हजारों छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
रविवार को बिहार के व्यवहार न्यायालयों में परिचारी के पद पर नियुक्ति के लिए प्रारंभिक जांच परीक्षा आयोजित की जा रही है. नवादा सदर अनुमंडल के अंतर्गत कुल 21 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो पालियों में होगी. पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है.
परीक्षा में शामिल होने के लिए लगभग 13,000 विद्यार्थी नवादा पहुंचे है. शहर में होटलों की अनुपलब्धता के कारण कई छात्र रेलवे स्टेशन पर रात बिताने को मजबूर है. हालांकि, स्टेशन पर शौचालय की उचित व्यवस्था न होने से उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. स्टेशन पर तीन वेटिंग रूम में शौचालय हैं, लेकिन उनमें से एक का दरवाजा टूटा हुआ है. प्लेटफार्म पर सार्वजनिक शौचालयों की कोई व्यवस्था नहीं है. स्टेशन का निर्माण और उद्घाटन हो चुका है, लेकिन आम लोगों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं अभी भी नदारद है. इस मुद्दे पर स्टेशन मास्टर या अन्य कर्मचारी कुछ भी कहने से बच रहे है. प्लेटफार्म नंबर एक और प्लेटफार्म नंबर दो किसी पर शौचालय नहीं है.
हालांकि, जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत, नवादा सदर अनुमंडल के सभी 21 परीक्षा केंद्रों के 500 गज के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है. यह आदेश अमित अनुराग द्वारा जारी किया गया है. नवादा रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं की यह कमी काफी समय से देखी जा रही है, जिससे यात्रियों और विशेषकर दूरदराज से आने वाले छात्रों को लगातार असुविधा हो रही है.
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